फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   the roads of village will become all weather by jute and coconut

जूट-नारियल की जटाओं से देहात की सड़कें भी बनेंगी ‘ऑल वेदर’

Thu, 21 May 2020 06:34 AM IST
संदीप भट्ट अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Thu, 21 May 2020 06:34 AM IST
सार

  • केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दी मंजूरी
  • गडकरी की पहल पर किया गया फैसला

विज्ञापन
the roads of village will become all weather by jute and coconut

विस्तार

अब देश के देहातों की सड़कों को भी ‘ऑलवेदर’ किए जाने की तैयारी है। इसके लिए इन सड़कों का निर्माण जूट, नारियल की जटाओं और कॉयर जियो-टेक्सटाइल्स (सीजीटी) के तहत आने वाले ऐसे ही अन्य उत्पादों की मदद से किया जाएगा। सरकार ने बुधवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-3) के तीसरे चरण के तहत इन सड़कों के निर्माण की घोषणा की। ये सड़कें हर मौसम के लिए ज्यादा टिकाऊ होंगी और देश में दम तोड़ रहे सीजीटी उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। 

विज्ञापन


दरअसल यह कवायद केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी की पहल पर चालू की गई है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हरी झंडी दिखा दी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत काम करने वाली राष्ट्रीय ग्रामीण ढांचागत विकास एजेंसी ने इसके लिए एक कम्युनिकेशन भी जारी किया है, जिसमें पीएमजीएसवाई-3 के तहत सीजीटी उत्पादों का उपयोग करने की बात कही गई है।
विज्ञापन


पीएमजीएसवाई की  गाइडलाइंस के मुताबिक, हर सड़क के प्रस्ताव में कुल लंबाई के 15 फीसदी के निर्माण में नई प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा। इस 15 में से 5 फीसदी हिस्सा भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी)  की तरफ से मान्यता प्राप्त आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। आईआरसी ने ग्रामीण सड़कों के लिए सीजीटी तकनीक को मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब सड़क निर्माण में 5 फीसदी हिस्सा इस नई तकनीक से किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि मई माह की शुरुआत में आईआईटी मद्रास ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण में सीजीटी का उपयोग करने को हरी झंडी दिखाई थी। आईआईटी ने यह कदम सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी के आग्रह पर उठाया था। साथ ही आईआईटी ने सीजीटी के उपयोग पर और ज्यादा शोध करने के लिए राष्ट्रीय कॉयर बोर्ड के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए एक एमओयू भी किया है।

यह एक अहम फैसला है, क्योंकि अब हम कॉयर जियो-टेक्सटाइल्स को सफलतापूर्वक सड़क निर्माण में उपयोग कर पाएंगे। इससे देश में कॉयर उद्योग को बेहद बढ़ावा मिलेगा। खासतौर पर कोविड-19 महामारी के इस दौर में उद्योग के लिए यह बड़ा बूस्टअप है। 


-नितिन गडकरी, केंद्रीय एमएसएमई और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री


क्या होता है कॉयर जियो-टेक्सटाइल्स, यह है शुरुआती योजना

  • 07 राज्यों में बनेंगी फिलहाल सीजीटी तकनीक की सड़कें
  • 1674 किमी लंबाई की सड़कों का किया जाएगा निर्माण
  • 01 करोड़ वर्ग मीटर सीजीटी की आवश्यकता पड़ेगी इसमें
  • 70 करोड़ रुपये का खर्च ही आएगा इतने सीजीटी पर

किस राज्य में कितनी लंबी सड़क
आंध्र प्रदेश में 164 किलोमीटर, गुजरात में 151, केरल में 71 किलोमीटर, महाराष्ट्र में 328 किलोमीटर, ओडिशा में 470 किलोमीटर और तेलंगाना में 121 किलोमीटर सड़क के निर्माण में फिलहाल सीजीटी का उपयोग किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed