प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठा वाली सीट बनी नोएडा, राजनाथ के बेटे पर सबकी टिकी निगाहें
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विधानसभा चुनाव में नोएडा सीट एक तरह से प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठा वाली सीट बन गई है। क्योंकि बीजेपी ने यहां से गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। पंकज की उम्मीदवारी को लेकर देश भर में चर्चे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से बीजेपी के प्रत्याशी डॉ. महेश शर्मा निर्वाचित हुए थे। जो कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में गौतमबुद्ध नगर सीट से सांसद निर्वाचित हुए। मोदी मंत्रिमंडल में शर्मा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
इस बार महेश शर्मा यहां से मौजूदा विधायक विमला बाथम या फिर किसी अन्य को टिकट दिलाने की पैरोकारी कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दरअसल, जिले की लोकसभा सीट जब 2009 में बनी थी तो भी पंकज सिंह यहां से चुनाव लड़ना चाहते थे, उस वक्त टिकट डॉ. महेश शर्मा को ही मिला था, लेकिन वे चुनाव हार गए थे।
2014 में जब लोकसभा का चुनाव आया तब भी पंकज सिंह ने यहां से टिकट मांगा था, लेकिन डॉ. महेश शर्मा को ही टिकट मिला और वह सांसद के साथ ही केंद्रीय मंत्री भी बने।
विधायक की सीट खाली होने पर नोएडा में उपचुनाव हुए तो भी पंकज सिंह का प्रयास असफल हुआ और विमला बाथम टिकट पाकर जीत गईं। 2017 के विधानसभा चुनाव में अबकी बार पंकज सिंह ने बाजी मार ही ली।
दरअसल, जिले की राजनीति 2009 से ही शुरू होती है। लोकसभा के पहले चुनाव में बसपा की तरफ से सुरेंद्र सिंह नागर और भाजपा की तरफ से डॉ. महेश शर्मा लड़े थे। जबरदस्त मुकाबला हुआ था और बाजी सुरेंद्र सिंह नागर ने मार ली थी। इसके बाद फिर दोबारा 2014 में जब चुनाव का वक्त आया तो भाजपा से डॉ. महेश शर्मा को तो टिकट मिल गया, लेकिन सुरेंद्र बसपा को छोड़ सपा में चले गए और चुनाव नहीं लड़ा।
समाजवादी पार्टी ने यहां से सुनील चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं बीएसपी ने रविकान्त को मैदान में उतारा है।
नोएडा विधान सभा का 2012 में चुनाव आयोग का परिसीमन हुआ था, जिसमें नोएडा विधान सभा बनी थी। ब्राह्मण, बनिया, पंजाबी आदि की मिश्रित आबादी है।