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Hindi News ›   India News ›   The real reason behind jamia protests,Amar Ujala brings you the truth

एक्सक्लूसिव: जामिया हिंसा की असली वजह, जानिए अमर उजाला के साथ

Wed, 18 Dec 2019 05:01 PM IST
Rama Solanki रमा सोलंकी
Updated Wed, 18 Dec 2019 05:01 PM IST
सार

  • अमर उजाला से क्या कहा जामिया हिंसा आरोपी ने
  • नागरिकता संशोधन कानून, अधूरी जानकारी पूरा विरोध 

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The real reason behind jamia protests,Amar Ujala brings you the truth
जानिए जामिया हिंसा की असली वजह - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नागरिकता संशोधन कानून पर शुरू हुआ राजनीतिक गतिरोध सड़कों पर पहुंच गया है। पहले पूर्वोत्तर में इसकी आंच दिखी। रविवार 15 दिसंबर को विरोध की चिंगारी देश की राजधानी में भड़क उठी। दिल्ली के शाहीन बाग इलाके से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय तक जा पहुंचा और इसमें तथाकथित रूप से छात्र भी शामिल हो गए। फिर शुरू हुई आगजनी, सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान और मारामारी।

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पुलिस ने अपनी कार्रवाई की, आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुआ। एक बार फिर राजनीतिक रोटियां सेंकने का खेल शुरू हुआ। इस बीच पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और आशु खान नाम के व्यक्ति को मुख्य आरोपी बनाया। उन पर हिंसा भड़काने और संपत्ति को नुकसान करने का आरोप लगाया गया है। जामिया यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर नजमा अख्तर ने विश्वविद्यालय में हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
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उन्होंने कहा, "मेरे छात्रों के साथ हुई बर्बरता की तस्वीरें देखकर मैं बहुत दुखी हूं। पुलिस का कैंपस में बिना इजाजत आना और लाइब्रेरी में घुसकर बेगुनाह बच्चों को मारना अस्वीकार्य है। मैं बच्चों से कहना चाहती हूं कि आप इस मुश्किल घड़ी में अकेले नहीं हैं। मैं आपके साथ हूं। पूरी यूनिवर्सिटी आपके साथ खड़ी है।"

इस बीच पुलिस की एफआईआर में मुख्य आरोपी बताए गए आशु खान से अमर उजाला ने बात की। बातचीत में आशु खान ने बताया कि वो सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि पूरी बातचीत में सबसे दिलचस्प वाकया यह रहा कि हमारे संवाददाता द्वारा बार-बार नागरिकता कानून के बारे में पूछे जाने के बाद भी वो गोलमोल जवाब देते रहे।

आपके प्रदर्शन का लक्ष्य क्या था?
आशु खान: लक्ष्य कुछ नहीं था...हमने इस एक्ट के खिलाफ मुहिम छेड़ी है...हम सरकार तक ये बात कैसे पहुंचाएंगे..बताइए..

आप इस कानून के खिलाफ क्यों है?
आशु खान: हम अपनी बात घर पर बैठकर तो नहीं पहुंचाएंगे...सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना होगा।

लेकिन संपत्ति का नुकसान हुआ है...पढ़ाई-लिखाई का नुकसान हुआ है
आशु खान: वो हमने नहीं किया है...मैं आपको बता दूं...वहां पर कुछ अज्ञात लोग भी थे..उन्होंने आगजनी की थी।

इस कानून को लेकर आपको ऐतराज क्या है
आशु खान: हम हिंदुस्तान से बहुत प्यार करते हैं...हम यहां के नागरिक हैं...और यहीं रहना चाहते हैं...हम नहीं जाना चाहते पाकिस्तान...हम नहीं जाना चाहते अफगानिस्तान...

आपको भेज कौन रहा है पाकिस्तान?
आशु खान: फिर एनआरसी क्या है ये?

इस कानून में क्या है...क्या आपने इस कानून को समझा है
आशु खान: मैं खुद पेशे से वकील हूं। सीएए फॉल्स स्टेट है...अभी आगे आप स्थिति देखना...ये भाईचारे को बांटने वाली बात कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में सभी धर्मों के लोग शामिल थे। हर आदमी हमारे साथ है।


धरना-प्रदर्शन इतना उग्र क्यों हो गया...आपको इसका कारण नजर आया?
आशु खान: हम शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जुलेहना में लाल बत्ती के पास कुछ गलत लोग हमारे प्रदर्शन में शामिल हो गए। पुलिस की वजह से माहौल खराब हुआ।

आप चाहते थे कि शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन हो...और सरकार तक आपकी बात पहुंचे?
आशु खान: पुलिस मुझे फंसाना चाहती है। ये मुद्दा अपने आप खत्म हो जाएगा...पर यहां की पब्लिक कहां खत्म करेगी...जनता सड़क पर उतर आई है। हम देखिए हम पुलिस के खिलाफ नहीं हैं।

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