दुनिया में सबसे कम बेरोजगारी भारत में : संतोष गंगवार
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दुनिया में सबसे कम बेरोजगारी भारत में है। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने राज्यसभा को बताया कि बेरोजगारी का दुनिया का सबसे कम डेटा भारत का है। इसके सामानांतर भारत के पड़ोसी देशों में यह संख्या बहुत अधिक है। गंगवार ने यह जानकारी चौधरी सुखराम सिंह के सवाल जवाब में दी। गंगवार ने बताया कि 2014 से 18 से मनरेगा के मद में एक लाख तिहत्तर हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। मैन डेज के हिसाब से 871 करोड़ दिन लोगों को रोजगार दिया गया। गंगवार ने कहा कि केन्द्र सरकार ने स्वरोजगार की दिशा में बड़ा काम किया है। इसके अन्तर्गत 6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज रुपये 13 करोड़ बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए।
हमारे पास डेटा नहीं है
गंगवार ने कहा कि देश की व्यवस्था के हिसाब से रोजगार के बारे में ईपीएफ में जहां से 20 से कम लोग काम करते हैं, उनका डेटा नहीं है। इसी तरह से ईएसआई में भी जहां 10 लोग से कम होते हैं, उसका डेटा नहीं होता। इस तरह से जिन लोगों को स्वरोजगार आदि मिला है उसका डेटा अभी उनके पास नहीं है। गंगवार ने यह जानकारी चौधरी लोगों को स्वरोजगार के तहत मिले रोजगार पर मांगी थी। हालांकि गंगवार ने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है और दो महीने बाद उनका मंत्रालय इसकी रिपोर्ट जारी कर सकता है। इसी के साथ श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाई गई योजना के तहत ईपीएफ और ईएसआई को मिलाकर पिछले छह महीने में 41 लोगों को रोजगार मिला है।
आपके पास आंकड़ा है या नहीं
कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा में उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि नवंबर 2016 (नोटबंदी) के बाद से पिछले साल नवंबर महीने तक जिन चार करोड़ लोगों को लघु और मझोले उद्योंगों से हाथ धोना पड़ा, उसका डेटा (आंकड़ा) सरकार के पास है? इस सवाल के जवाब में कहा कि सरकार रोजगार को लेकर एक सर्वे करा रही है। अभी सरकार के पास आंकड़ा नहीं है।
राज्यसभा सांसद विनय सह बुद्धे के सवाल का उत्तर देते हुए संतोष गंगवार ने सदन को बताया कि 2015 में नेशनल कैरियर पोर्टल आरंभ किया गया है। यह एक नया प्रयास है। इसके तहत 4.26 करोड़ रोजगार की चाहत रखने वाले लोग पंडीकृत हुए थे। 4.80 लाख रोजगार प्रदाता ने भी पंजीकरण कराया था। 25.4 लाख रिक्तियों को भरा भी गया।