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दोस्त की बेटी पर फिदा हो गए थे जिन्ना, शादी ने मचा दिया था देश में तूफान

Sat, 04 Mar 2017 07:15 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Sat, 04 Mar 2017 07:15 PM IST
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The love story of jinnah and his wife ruttie jinnah

वह 42 साल के थे और वो 18 की जब उनकी शादी हुई। जिन्ना खुद से आधी उम्र की बीवी रति को बेइंतहा प्यार करते थे और उनसे शादी के लिए खामोशी से दो साल उनके बालिग होने का इंतजार किया। बालिग होते ही एक रात रति ने अपने पिता का घर छोड़ दिया और जिन्ना के साथ जाकर रहने लगे। 

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इस बेमेल शादी ने बंबई के साथ पूरे देश में तूफान मचा दिया लेकिन दोनों को शायद ही इससे कोई फर्क पड़ा हो। लेकिन हमेशा की तरह हर सुखद प्रेम कहानी का अंत भी सुखद नहीं होता कहीं कहीं इसे दर्द भी सहना पड़ता है ऐसा ही दर्द सहा उन दोनों ने। 
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जिन्ना और उनकी पत्नी रति की प्रेम कहानी और वैवाहिक जीवन से जुड़े किस्सों का मशहूर लेखिका शीला रेड्डी ने अपनी किताब 'मिस्टर एंड मिसेज जिन्नाः द मैरिज दैट शूक इंडिया' में जिक्र किया है। अपने दौर में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाली और पूरे देश में हलचल मचा देने वाली इस प्रेम कहानी के कई ऐसे अनसुने किस्से हैं जो आपको जिन्ना के जीवन के अलग पहले से रूबरू करा सकते हैं, उन्हीं के बारे में हम आपको बताते हैं।

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दार्जिलिंग में दोस्त की 16 साल की बेटी को दिल दे बैठे थे जिन्ना

The love story of jinnah and his wife ruttie jinnah

जिन्ना ने जिस पारसी लड़की रति पेतित से शादी की वो उनके पारसी दोस्त और मुंबई के सबसे रईस लोगों में शुमार दिनशॉ पेतित की बेटी थी। जिन्ना ने जिस समय रति से शादी की उस समय उनकी उम्र 42 साल के करीब थी जबकि रति ने कुछ दिन पहले ही अपना 18 वां जन्मदिन मनाया था। 

रति से जिन्ना की मुलाकात भी काफी दिलचस्प रही थी, बताया जाता है कि एक बार दिनशॉ ने अपने दोस्त और बंबई के सबसे मशहूर वकील मोहम्मद अली जिन्ना को गर्मियों की छुट्टियों में अपने दार्जिलिंग वाले बंगले पर रहने के लिए बुलाया था। 

दिनशॉ के साथ उनकी 16 साल की बेटी रति भी वहीं रह रही थी। जिन्ना वहां पहुंचे थे तो लंच के बाद उनकी मुलाकात रति से हुई। कहा जाता है कि इसी पहली मुलाकात ने उस समय मुस्लिमों के सबसे मशहूर नेता रहे ‌जिन्ना की जिंदगी बदल दी। 

लंबे और छरहरे बदन वाले जिन्ना उन दिनों काफी लोकप्रिय थे और रति ने उनके बारे में काफी किस्से सुन रखे थे। जिन्ना की इसी अजीम शख्सियत पर 16 साल की रति फिदा हो गई और दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे। दो दिन की चंद मुलाकातों के बाद ही जिन्ना ने अपने दोस्त के सामने उसकी नाबालिग बेटी से शादी का प्रस्ताव रख दिया।

उस समय देश के नामी वकील थे मुहम्मद अली जिन्ना

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कहा जाता है कि जिन्ना के इस प्रस्ताव ने दोस्त दिनशॉ का पारा इतना हाई कर दिया कि उन्होंने उसी समय उन्हें अपने घर से चले जाने के लिए कह दिया। उन्होंने रति पर भी पाबंदी लगा दी। हालांकि इसके बाद जिन्ना और रति ने कोई प्रतिरोध नहीं किया और खामोशी से सही वक्त का इंतजार करते रहे।

जिन्ना की दो मजबूरियां थी पहली वह वकालत में सफल कॅरियर के बाद तेजी से राजनीतिक की बुलंदियां चढ़ रहे थे दूसरी रति कानून के हिसाब से उस समय बालिग नहीं हुई थी, जिसमें दो साल कम थे। दो साल बाद वो सही वक्त भी आ गया और फरवरी 1918 में रति ने बालिग होते ही पिता का घर छोड़ दिया और दो महीने बाद धर्म बदलकर जिन्ना से निकाह कर लिया। इस शादी ने उस समय देश में तूफान खड़ा कर दिया। उस दौर के रूढ़वादी समाज के लिए ये बिल्कुल अनहोनी घटना की तरह था।

जिस समय दोनों की शादी हुई जिन्ना 42 के थे और रति मात्र 18 की। अपनी किताब में शीला रेड्डी ने ऐसे ही कई किस्सों का जिक्र किया है। हालांकि इस बेमेल मोहब्बत का अंजाम उतना सुहाना नहीं था जितनी रूमानियत इस मोहब्बत में थी। 

रति ने खत में बयां किया था दर्द, मौत पर फूट फूट कर रोए थे जिन्ना

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उम्र के बड़े अंतर और राजनीति में जिन्ना की व्यस्तताओं ने दोनों के बीच धीरे धीरे दूरियां बढ़ानी शुरू कर दीं। और इसी दूरियों के बीच रति खुद को अकेला महसूस करने लगी। जिन्ना के पास अब अपनी मासूम बेटी और खूबसूरत बीवी के लिए वक्त नहीं था जबकि दोनों बेसब्री से हर समय उनका इंतजार करते रहते थे। 

अपने इस दर्द को रति ने जिन्ना को लिखे एक खत में भी जाहिर किया था, जिसमें वह लिखती हैं "प्रिय मेरे लिए जितना भी तुमने किया, उसके लिए धन्यवाद। तुम मुझे उस फूल की तरह याद करना जिसे तुमने तोड़ा था न कि उस फूल की तरह जिसे तुमने कुचल दिया था।" 

जिंदगी की इसी कशमकश के बीच 29 साल की उम्र में रति की मौत हो गई। बताया जाता है कि रति की कब्र पर मिट्टी डालते वक्त 50 साल के हो चुके जिन्ना फूट फूटकर रोए।

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