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अनाथ बच्चों की मदद: माता-पिता को खोने वाले बच्चों को यूं मिलेगी मुफ्त शिक्षा से लेकर 10 लाख की एफडी 

Sun, 30 May 2021 08:37 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 30 May 2021 08:37 PM IST
सार

कोरोना की वजह से अनाथ हुए बच्चों की मदद के लिए केंद्र व राज्य सरकारें आगे आई हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। इसके बाद ही सही लेकिन सब जागे हैं। 
 

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The help of orphans: children who lose their parents due to corona will get free education and FD of Rs 10 lakh
PM cares Fund - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्र की मोदी सरकार कोरोना महामारी के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की मदद के लिए आगे आई है। ऐसे बच्चों को मुफ्त शिक्षा, मासिक भत्ता, स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये की सावधि जमा यानी एफडी मिलेगी। 

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कोरोना महामारी के कारण देश के सवा तीन लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। माता-पिता दोनों की मृत्यु होने से बड़ी संख्या में बच्चे अनाथ हो गए हैं। इन बच्चों की मदद के लिए मोदी सरकार ने कई तरह की सुविधाओं की घोषणा की है। इन बच्चों की मुफ्त स्कूली शिक्षा से लेकर कई अन्य सुविधाओं व 10 लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट तक कई घोषणाएं की गई हैं। यह मदद 'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन' से देने का एलान किया गया है। 
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10 साल से कम आयु के बच्चों के लिए योजना
ऐसे बच्चों को उनके आवास के नजदीकी क्षेत्र के केंद्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में बतौर डे स्कॉलर रखा जाएगा। यदि किसी निजी स्कूल प्रवेश मिला तो आरटीई के नियमों के मुताबिक फीस दी जाएगी। उन्हें ड्रेस, किताबें और नोटबुक का खर्च भी मिलेगा। 
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11-18 वर्ष के बच्चों के लिए प्रावधान
इस आयु वर्ग के बच्चे को सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय जैसे आवासीय स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। बच्चा यदि अपने दादा-दादी या किसी परिचित के साथ रहना चाहता है तो उसे नजदीकी केंद्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में डे स्कॉलर के रूप में प्रवेश दिया जाएगा।  फीस का भुगतान पीएम केयर्स से किया जाएगा। 

उच्च शिक्षा के लिए ब्याज मुक्त कर्ज
ऐसे बच्चों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन दिलाया जाएगा। उनके कर्ज पर ब्याज का भुगतान 'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन' योजना से किया जाएगा। विकल्प के रूप में इन बच्चों को केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं के तहत स्नातक की फीस के बराबर छात्रवृत्ति दी जाएगी। जो बच्चे मौजूदा छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत पात्र नहीं हैं, उनके लिए पीएम केयर्स एक समकक्ष छात्रवृत्ति प्रदान करेगा। 

आयुष्मान भारत योजना में स्वास्थ्य बीमा
महामारी के चलते अनाथ हुए बच्चों को आयुष्मान भारत योजना में पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा लाभ भी मिलेगा। 18 साल की उम्र तक के इन बच्चों के लिए प्रीमियम की राशि का भुगतान पीएम केयर्स से होगा।


10 लाख की एफडी 
18 साल की उम्र पूरी करने वाले हर बच्चे के लिए 10 लाख रुपये की एफडी बनाने के लिए पीएम केयर्स योगदान देगा। इसका उपयोग 18 साल की उम्र से अगले पांच साल तक उच्च शिक्षा के दौरान उनकी व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए मासिक वित्तीय सहायता/छात्रवृत्ति के रूप में उपयोग किया जाएगा। 23 साल की उम्र पूरी करने पर, उसे व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग के लिए एकमुश्त के रूप से कोष की राशि मिलेगी।

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