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61 साल बाद फिर से नापी जाएगी माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई, नेपाल भूंकप के बाद उठ रहे थे सवाल
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 12 May 2017 10:39 AM IST
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दुनिया की सबसे उंची चोटी
- फोटो : self
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नेपाल स्थित विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की नापी 61 साल बाद फिर से कराई जाएगी। नेपाल में भूकंप के बाद इसकी ऊंचाई को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसके लिए सर्वेयर जनरल आफ इंडिया की ओर से नेपाल सरकार को पत्र भेजा गया है।
सहमति मिलने के बाद सर्वे आफ इंडिया की टीम नेपाल जाएगी। यह तीसरा अवसर होगा, जब एवरेस्ट की ऊंचाई नापी जाएगी। पहली बार 1855 और दूसरी बार 1956 में माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई नापी गई थी।
गुरुवार को जीपीआर सर्वे के सिलसिले में यहां महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आए सर्वेयर जनरल आफ इंडिया डॉ. स्वर्णा सुब्बाराव ने पत्रकारों को बताया कि नेपाल में भूकंप आने के बाद से इस बात की चर्चा है कि इसकी ऊंचाई में परिवर्तन हो गया है।
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कुछ पर्वतारोही माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई घटने की बात कर रहे हैं। ऐसे में इसकी नए सिरे से नापी जरूरी है।
बताया कि इसके लिए नेपाल सरकार को पत्र लिखा जा चुका है, बातचीत भी चल रही है।
नेपाल सरकार की सहमति के बाद सर्वे आफ इंडिया की टीम वहां जाकर काम शुरू कर देगी।
बताया कि सर्वे आफ इंडिया की स्थापना के 250 साल हो गए हैं। अंग्रेजों के शासनकाल में 1767 में इसकी स्थापना हुई थी। इस दौरान कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग भी मौजूद थे।
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सहमति मिलने के बाद सर्वे आफ इंडिया की टीम नेपाल जाएगी। यह तीसरा अवसर होगा, जब एवरेस्ट की ऊंचाई नापी जाएगी। पहली बार 1855 और दूसरी बार 1956 में माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई नापी गई थी।
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गुरुवार को जीपीआर सर्वे के सिलसिले में यहां महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आए सर्वेयर जनरल आफ इंडिया डॉ. स्वर्णा सुब्बाराव ने पत्रकारों को बताया कि नेपाल में भूकंप आने के बाद से इस बात की चर्चा है कि इसकी ऊंचाई में परिवर्तन हो गया है।
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कुछ पर्वतारोही माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई घटने की बात कर रहे हैं। ऐसे में इसकी नए सिरे से नापी जरूरी है।
बताया कि इसके लिए नेपाल सरकार को पत्र लिखा जा चुका है, बातचीत भी चल रही है।
नेपाल सरकार की सहमति के बाद सर्वे आफ इंडिया की टीम वहां जाकर काम शुरू कर देगी।
बताया कि सर्वे आफ इंडिया की स्थापना के 250 साल हो गए हैं। अंग्रेजों के शासनकाल में 1767 में इसकी स्थापना हुई थी। इस दौरान कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग भी मौजूद थे।
पोर्टल पर कोई भी जान सकेंगे नक्शा
सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया डॉ. स्वर्णा सुब्बाराव
- फोटो : अमर उजाला
देश के किसी भी कोने के नक्शों की जानकारी के लिए अब भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। कोई भी घर बैठे पोर्टल के माध्यम से इसे देख सकता है। सर्वे इंडिया की ओर से इसके लिए नक्शा पोर्टल लांच किया गया है।
सर्वेयर जनरल ने बताया कि इसमें डिफेंस सीरीज मैप नहीं शामिल हैं। दस अप्रैल से इसकी शुरुआत हो गई है। कोई भी पोर्टल पर अपना आधार नंबर डालकर नक्शों की जानकारी कर सकता है।
सर्वेयर जनरल ने बताया कि इसमें डिफेंस सीरीज मैप नहीं शामिल हैं। दस अप्रैल से इसकी शुरुआत हो गई है। कोई भी पोर्टल पर अपना आधार नंबर डालकर नक्शों की जानकारी कर सकता है।