मोदी सरकार की बजट टीम को अभी तक नहीं मिले दो अफसर
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भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली दूसरी सरकार की दूसरे बजट की तैयारियां जोरों पर है, लेकिन वित्त मंत्रालय की बजट तैयार करने वाली टीम में दो प्रमुख अधिकारियों की कमी बनी हुई है। इसमें एक पूर्णकालिक व्यय सचिव शामिल हैं।
छह साल के निचले 4.5 फीसदी के स्तर पर पहुंची आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए ढांचागत सुधारों की दूसरी लहर की उम्मीद में एक फरवरी को पेश होने वाले बजट, 2020-21 का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। सरकार की बजट टीम में व्यय सचिव के अलावा संयुक्त सचिव (बजट) का पद लगभग तीन महीने से खाली पड़ा है। बजट तैयार करने के लिहाज से इन दोनों अधिकारियों को खासा अहम माना जाता है।
जी सी मुर्मू की हाल में गठित संघ शासित क्षेत्र जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल पद पर नियुक्ति के बाद से व्यय सचिव का पद खाली है। उन्होंने 29 अक्तूबर को पद छोड़ा था और तब से अतनु चक्रवर्ती को व्यय विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है।
1985 बैच के आईएएस अधिकारी चक्रवर्ती वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव हैं। निवेश और सार्वजनिक संपदा प्रबंधन (डीआईपीएएम) में एक साल के कार्यकाल के बाद चक्रवर्ती को इस साल जुलाई में आर्थिक मामलों का सचिव नियुक्त किया गया था।
14 अक्तूबर से शुरू हुई थीं बजट की तैयारियां
वित्त मंत्रालय ने 14 अक्तूबर से 2020-21 के बजट की तैयारियों की कवायद शुरू की थीं। पिछले महीने कई विभागों और मंत्रालयों के साथ बैठक हुई हैं। व्यय सचिव द्वारा अन्य सचिवों और वित्तीय सलाहकारों के साथ चर्चा के बाद ही बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
आर्थिक सुस्ती को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दूसरे बजट को खासा अहम माना जा रहा है। पिछले हफ्ते ही आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति में 2019-20 के लिए अपने विकास अनुमान को 6.1 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया था।