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Odisha: छात्रा के शव का अंतिम संस्कार, मृतका के पिता बोले- हमें मुआवजा नहीं बेटी चाहिए; 17 जुलाई को ओडिशा बंद

Tue, 15 Jul 2025 12:12 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर/बालासोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर/बालासोर Published by: बशु जैन Updated Tue, 15 Jul 2025 12:12 PM IST
सार

फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज, बालासोर के एकीकृत बीएड कार्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शनिवार 12 जुलाई को एचओडी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए खुद को आग लगा ली थी। छात्रा का सोमवार देर रात को निधन हो गया था। उसने एम्स भुवनेश्वर में अंतिम सांस ली। 

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The body of student was cremated, father said - we do not want compensation; Odisha closed on 17th July
मृतका के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते परिजन। - फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब

विस्तार

ओडिशा के बालासोर में यौन उत्पीड़न से परेशान होकर आत्मदाह करने वाली छात्रा के शव का मंगलवार को बालासोर में उसके गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरा गांव गम में डूबा रहा। जिले भर के सैकड़ों लोगों ने छात्रा को श्रद्धांजलि दी। वहीं मृतका के पिता ने सरकार के मुआवजे को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि हमें मुआवजा नहीं बेटी चाहिए। उधर, छात्रा की मौत को लेकर कांग्रेस ने 17 जुलाई को ओडिशा बंद का एलान किया है। 
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बालासोर स्थित फकीर मोहन स्वायत्तशासी महाविद्यालय में प्रोफेसर के यौन उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर आत्मदाह करने वाली छात्रा का सोमवार देर रात को निधन हो गया था। छात्रा के शव का मंगलवार को उसके गांव में  अंतिम संस्कार किया गया। छात्रा के चचेरे भाई ने उसकी चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान भाजपा बालासोर सांसद प्रताप सारंगी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी समेत हजारों लोगों ने छात्रा को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय लोगों ने न्याय के लिए लड़ते हुए और कॉलेज के शिक्षक की कथित मांग को न मानने वाली बहादुर छात्रा को अश्रुपूर्ण अंतिम विदाई दी।
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'क्या सरकार मुझे मेरी बेटी दे सकती है?'
छात्रा के पिता ने कहा कि मेरी बेटी ने मुझे लड़ना सिखाया है और मैं इसे जारी रखूंगा। मुझे पैसे या मुआवजा राशि की जरूरत नहीं है। मुझे मेरी बेटी वापस चाहिए। क्या सरकार मुझे मेरी बच्ची वापस दे सकती है? छात्रा की मां ने कहा कि कृपया मुझे माफ कर दीजिए। मैं बोल नहीं सकती।  छात्रा के दादा ने कहा कि सरकार उसे न्याय दिलाने में नाकाम रही। इसलिए उसने अपनी जान दे दी। उसने विधायक से लेकर केंद्रीय मंत्री तक सभी से गुहार लगाई थी।

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ग्रामीणों ने की दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने भी छात्रा की मौत के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एक ग्रामीण ने कहा कि छात्रा प्राकृतिक आपदाओं, खासकर बाढ़ के दौरान सक्रिय रहती थी। वह बाढ़ के दौरान महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में प्रशासन की मदद करती थी। एक शिक्षक ने कहा कि हमें विश्वास नहीं है कि वह आत्महत्या करेगी। वह मानसिक रूप से मजबूत और प्रतिभाशाली छात्रा थी। वह मेरी छात्रा थी। न्याय न मिलने पर उसे आग लगाकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया।

The body of student was cremated, father said - we do not want compensation; Odisha closed on 17th July
ओडिशा में आत्मदाह करने वाली छात्रा की मौत। - फोटो : वीडियो ग्रैब।
कांग्रेस ने किया ओडिशा बंद का एलान
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने छात्रा की मौत को लेकर 17 जुलाई को ओडिशा बंद का एलान किया है। उन्होंने कहा कि छात्रा ने न्याय के लिए हर दरवाजा खटखटाया, यहां तक कि एफआईआर भी दर्ज करवाई, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला... वह विधायक के पास भी गई। विधायक उसे न्याय दिला सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। सांसद ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। क्या इस मामले को गंभीरता से लेना उनकी जिम्मेदारी नहीं थी?अगर थोड़ी भी कार्रवाई की गई होती, तो स्थिति इस हद तक नहीं आती कि उस छात्रा को अपनी जान देनी पड़े। सरकार को यह अहसास ही नहीं हुआ कि यह उनकी जिम्मेदारी है। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री, विधायक और सांसद तीनों को इस्तीफा देना चाहिए और उनकी पार्टी को तीनों को निष्कासित करना चाहिए। 17 तारीख को हमने ओडिशा बंद का आह्वान किया है, और हम सभी वर्गों से इसका समर्थन करने की अपील करते हैं। 

12 जुलाई को किया था आत्मदाह
गौरतलब है कि फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज, बालासोर के एकीकृत बीएड कार्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शनिवार 12 जुलाई को एचओडी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए खुद को आग लगा ली थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि शिक्षक ने उसका यौन और मानसिक उत्पीड़न किया था। छात्रा का सोमवार देर रात को निधन हो गया था। उसने एम्स भुवनेश्वर में अंतिम सांस ली। 

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प्राचार्य और सहायक प्रोफेसर निलंबित
घटना से पहले छात्रा ने प्रिंसिपल दिलीप घोष के पास शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन्होंने उससे शिकायत वापस लेने को कहा। प्रिंसिपल दिलीप घोष ने खुद इसे स्वीकार किया था। छात्रा द्वारा आत्मदाह किए जाने के बाद ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने मामले के प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर शैक्षिक अध्ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर (स्टेज-I) समीरा कुमार साहू को निलंबित कर दिया। इसके अलावा एफएम (ऑटो) कॉलेज, बालासोर के सहायक प्रोफेसर और प्राचार्य दिलीप कुमार घोष को भी निलंबित कर दिया है। 

प्राचार्य दिलीप घोष न्यायिक हिरासत में
बाद में ओडिशा के उच्च शिक्षा विभाग ने एफएम ऑटो कॉलेज की सहायक प्रोफेसर समीरा कुमार साहू के खिलाफ कथित उत्पीड़न मामले की गहन जांच के लिए शनिवार को एक समिति का गठन किया था। साहू को बालासोर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा, राज्य में व्यापक विरोध को देखते हुए सोमवार को  एफएम कॉलेज के निलंबित प्राचार्य दिलीप घोष को भी गिरफ्तार किया गया। जहां उसे एसडीजेएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 

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