{"_id":"5c05c887bdec22417e3009f5","slug":"the-biggest-issue-of-development-of-bhadrachalam-in-telangana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तेलंगाना चुनाव : ‘दक्षिण की अयोध्या’ नाम से चर्चित भद्राचलम में विकास की अनदेखी एक बड़ा मुद्दा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तेलंगाना चुनाव : ‘दक्षिण की अयोध्या’ नाम से चर्चित भद्राचलम में विकास की अनदेखी एक बड़ा मुद्दा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भद्राचलम
Updated Tue, 04 Dec 2018 05:51 AM IST
विज्ञापन
घोषणापत्र जारी करते टीआरएस मुखिया के चंद्रशेखर राव व अन्य पार्टी नेता
- फोटो : ANI
राष्ट्रीय राजनीति में राम मंदिर का मसला फिर से गरमाने की कोशिशें हो रही हैं। इन सबके बीच ‘दक्षिण की अयोध्या’ के नाम से मशहूर भद्राचलम के विकास की कथित तौर पर की गई अनदेखी तेलंगाना विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बन गई है।
आम लोगों द्वारा राज्य में सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) पर भद्राचलम के विकास की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं। मंदिरों की नगरी के नाम से भी चर्चित भद्राचलम से करीब 32 किलोमीटर दूर पर्णशाला नाम की एक जगह है। स्थानीय मान्यताओं में कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने 14 साल के वनवास के कुछ दिन पर्णशाला में बिताए थे। यही नहीं यह भी मान्यता है कि रावण ने इसी जगह से सीता का अपहरण किया था।
विज्ञापन
आम लोगों द्वारा राज्य में सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) पर भद्राचलम के विकास की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं। मंदिरों की नगरी के नाम से भी चर्चित भद्राचलम से करीब 32 किलोमीटर दूर पर्णशाला नाम की एक जगह है। स्थानीय मान्यताओं में कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने 14 साल के वनवास के कुछ दिन पर्णशाला में बिताए थे। यही नहीं यह भी मान्यता है कि रावण ने इसी जगह से सीता का अपहरण किया था।
विज्ञापन
Trending Videos
मंदिर परिसर के ठीक पीछे रहने वाली आदिलक्ष्मी कहती हैं कि यहां कचरा फेंकने तक की जगह नहीं है। घरों का कचरा गोदावरी नदी के किनारे फेंका जाता है। एक स्थानीय श्रद्धालु रामप्रसाद कहते हैं कि हम मौजूदा सरकार से काफी निराश हैं। सरकार ने नगर के विकास के लिए कुल 100 करोड़ रुपए भी अब तक जारी नहीं किए हैं। विपक्षी दलों नेताओं का आरोप है कि के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने चुनावों से काफी पहले ही इस क्षेत्र के लिए विकास का काम करना बंद कर दिया था।
उनका यह भी कहना है कि पड़ोस के क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करने के बावजूद टीआरएस का कोई नेता भद्राचलम नहीं आया है। कांग्रेस उम्मीदवार पोडेम वीरैया ने कहा कि राज्य के विभाजन के बाद मंदिर से जुड़ी संपत्तियां और जमीन आंध्र प्रदेश के पास चली गई। अब हाल यह है कि विकास के लिए कोई जमीन नहीं है। वहीं तेदेपा की वरिष्ठ नेता कुमारम फणीश्वरी का कहना है कि जमीन की कमी के कारण ही जनजातियों के विकास के लिए आवंटित परियोजनाओं को यहां से स्थानांतरित किया जा रहा है।
उनका यह भी कहना है कि पड़ोस के क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करने के बावजूद टीआरएस का कोई नेता भद्राचलम नहीं आया है। कांग्रेस उम्मीदवार पोडेम वीरैया ने कहा कि राज्य के विभाजन के बाद मंदिर से जुड़ी संपत्तियां और जमीन आंध्र प्रदेश के पास चली गई। अब हाल यह है कि विकास के लिए कोई जमीन नहीं है। वहीं तेदेपा की वरिष्ठ नेता कुमारम फणीश्वरी का कहना है कि जमीन की कमी के कारण ही जनजातियों के विकास के लिए आवंटित परियोजनाओं को यहां से स्थानांतरित किया जा रहा है।