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आवेदन बना फांस: सैकड़ों आए 'सलाहकार' बनने पर नहीं आया फॉर्म भरना, बढ़ानी पड़ी अंतिम तिथि  

Mon, 12 Apr 2021 08:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 12 Apr 2021 08:54 PM IST
सार

  • अनुभवी व उम्रदराज लोगों ने भी कीं गलतियां
  • कार्मिक मंत्रालय ने निकाली है भर्ती

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The application became a trap: Hundreds came to become 'consultants', did not fill the form, the deadline had to be extended
Department of personnel training DOPT - फोटो : फाइल (सांकेतिक)

विस्तार

केंद्र सरकार ने आईएएस, आईपीएस व आईएफएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं में कार्यरत नौकरशाहों से जुड़े मामले निपटाने की खातिर कानूनी 'सलाहकार' पद की नौकरी देने के लिए आवदेन मांगे गए। इसके साथ ही कानूनी 'सहायक' का पद भी भरा जाना था। डीओपीटी के पास इन पदों के लिए सैकड़ों आवेदन पहुंचे। इनकी अधिकतम आयु सीमा 65 साल तय की गई थी, इसके बावजूद अधिकांश आवेदकों ने अपने फार्म में गलतियां कर दीं। किसी ने आधा अधूरा फार्म भर कर भेज दिया तो कोई अंतिम तिथि के बाद भी उसे ठीक तरह से नहीं भर सका। 

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जानकर हैरानी होगी कि डीओपीटी के पास मुट्ठीभर आवेदन भी ऐसे नहीं थे, जिनके आधार पर सलाहकार एवं सहायक की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा सके। अब इन पदों के लिए 22 अप्रैल तक दोबारा से आवेदन मांगे गए हैं। बता दें कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग यानी 'डीओपीटी' ने इन पदों को भरने के लिए 9 फरवरी को विज्ञापन जारी किया था। आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि एक मार्च तय की गई थी। अंतिम तिथि निकलने के बाद भी कई आवेदकों ने अपना फार्म जमा करा दिया। 
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योग्य नहीं फिर भी किए आवेदन
जब इन आवेदनों पत्रों की जांच पड़ताल की गई तो संबंधित अधिकारी हैरान रह गए। अधिकांश फार्म आधे अधूरे थे। पद के लिए जो योग्यताएं निर्धारित की गई थीं, उन्हें पूरी न करने वालों ने भी फार्म भर कर भेज दिया। किसी व्यक्ति ने फार्म के साथ दस्तावेज ही नहीं लगाए। डीओपीटी ने अब इन पदों के लिए अंतिम तिथि बढ़ा दी है। विभाग केवल उन्हें ही साक्षात्कार के लिए बुलाएगा, जिनके आवेदन पत्र ठीक तरह से भरे होंगे। 
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एक साल के लिए होगी नियुक्ति

कानूनी सलाहकार एवं कानूनी सहायक के पदों पर एक साल के लिए नियुक्ति की जानी है। संबंधित व्यक्ति के कामकाज का मूल्यांकन कर उसका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। इस पद पर नियुक्त होने वाले व्यक्ति को एक माह पूर्व की सूचना देकर उसे नौकरी से बाहर करने का भी प्रावधान है। 

 

ये काम करना होंगे

कानूनी सलाहकार को पद समीक्षा, योग्यता और सेवा विभाग के संवैधानिक नियम, आदि विषयों का कामकाज देखना होगा। आईएएस, आईपीएस, आईएफएस के कॉडर रुल्स, पदों का नियमन, अखिल भारतीय सेवाएं 'संयुक्त' के लिए कैडर नियम बनाना और संशोधन करना, आरटीआई, पेंशन से जुड़े नियम, सेवा से जुड़े विभिन्न लाभ और उक्त नियमों के आधार किसी दूसरे मंत्रालय एवं विभाग को सलाह देना आदि कामकाज भी करना पड़ेगा।
 

इसलिए रखी गई आयु सीमा 65 साल

इन पदों के लिए रिटायर लोगों एवं ओपन मार्केट के जरिए कानूनी जानकारों से आवेदन मांगे गए थे। इसी वजह से आयु सीमा 65 साल रखी गई है। सलाहकार पद के लिए सरकारी विभाग या ओपन मार्केट से आने वाले व्यक्ति के पास 10 साल का अनुभव होना चाहिए। कानूनी सहायक पद के लिए यह अनुभव पांच साल निर्धारित किया गया है। कानूनी सलाहकार को 60 हजार रुपये महीना तो वहीं कानूनी सहायक को 40 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा। 
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