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भारतीय थलसेना में पुरुष नर्स का न होना लैंगिक भेदभाव: दिल्ली हाईकोर्ट

Tue, 09 Oct 2018 12:46 AM IST
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Updated Tue, 09 Oct 2018 12:46 AM IST
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The absence of male nurse in Indian Army is a gender discrimination: delhi high court

दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय थल सेना में नर्स पद पर सिर्फ महिलाओं की भर्तियों को ‘लैंगिक भेदभाव’ बताया है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश वीके राव ने सेना के नर्सिंग ब्रांच में पुरुषों की भर्तियां नहीं होने के बारे में बताए जाने पर कहा, ‘‘ यह एक लैंगिक भेदभाव है।' 

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अदालत ने केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए दो महीने का समय दिया है। मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 जनवरी, 2019 निर्धारित की गई है। केंद्र सरकार के वकील ने इस मामले पर निर्णय लेने के लिए छह महीने का समय मांगा। 
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वकील ने कहा कि सेना के प्रत्येक शिविर से इस संबंध में संपर्क करना होगा और उनके विचार लिए जाएंगे। इस आग्रह को खारिज करते हुए अदालत ने कहा, “ हम लोग डिजिटल दुनिया में रह रहे हैं। सभी को वीडिया कांफ्रेंस पर लेकर निर्णय लें।' 

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