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राज्यपाल धनखड़ बोले: ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल में किसी प्रकार की सेंसरशिप है

Tue, 22 Oct 2019 11:19 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: अनवर अंसारी Updated Tue, 22 Oct 2019 11:19 AM IST
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Tension continues between Governor and Mamta government Governor seems censorship in state
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ - फोटो : ANI

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी सरकार और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच जारी तनातनी बरकरार है। इस बार विवाद का कारण बना है राज्यपाल का उत्तर 24 परगना का दौरा। दरअसल, राज्यपाल मंगलवार को उत्तर 24 परगना के दौरे पर हैं।

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इस बैठक को लेकर उत्तर 24 परगना के जिलाधिकारी ने एक चिट्ठी लिखकर कहा है कि जब तक राज्य सरकार से अनुमति नहीं मिलती है तब तक किसी को भी बैठक के लिए निमंत्रण नहीं भेजा जाएगा। इस चिट्ठी में यह भी लिखा गया है कि अधिकारी भी इस बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे क्योंकि सभी वरिष्ठ अफसर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उत्तर बंगाल दौरे पर साथ गए हुए है। 
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राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने अपनी बैठक में शामिल होने से सरकारी अधिकारियों के इनकार के बाद कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल में किसी प्रकार की सेंसरशिप है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह असंवैधानिक है। मैं राज्य सरकार के अंतर्गत नहीं हूं। 
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अधिकारियों के इस रवैये को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि क्या वह सरकार के अधीन है? अगर उन्हें किसी के साथ बातचीत करनी है तो राज्य सरकार की अनुमति की जरूरत क्यों लेनी है? 

राज्यपाल ने कहा कि मेरी यात्रा के बारे में 17 अक्तूबर को जिला प्रशासन को सूचित कर दिया गया था। जिलाधिकारी ने इस पर जवाब दिया कि राज्य सरकार की अनुमति के बाद अनुमति दी जाएगी। यह पूरी तरह असंवैधानिक है। राज्यपाल ने सवाल पूछा कि क्या मैं राज्य सरकार के अंतर्गत नहीं हूं। 


उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल में किसी प्रकार की सेंसरशिप हैं। राज्यपाल ने कहा कि इसके बावजूद मैं जिलों का अपना दौरा जारी रखूंगा।

वहीं, इस मामले को लेकर भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ममता बनर्जी की सरकार है, यह संविधान का पालन नहीं करती है। अगर राज्य के राज्यपाल को अनुमति लेनी है तो इसका मतलब है कि ममता जी का कानून पश्चिम बंगाल में काम करता है, ना कि देश का कानून।

विजयवर्गीय ने आगे कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की सीएम हैं ना कि पीएम। यह केंद्र सरकार का निर्णय है कि एनआरसी को लागू करना है या नहीं, वह क्यों चिंतित है? यदि केंद्र एनआरसी को लागू करने का निर्णय लेता है, तो वह इसके बारे में कुछ भी करने में सक्षम नहीं होंगी क्योंकि यह केंद्र सरकार का निर्णय होगा।


राज्यपाल यहां धमखली की यात्रा के दौरान तृणमूल कांग्रेस की बशीरहाट की सांसद नुसरत जहां, संदेशकाली के विधायक सुकुमार महता, जिला परिषद समाधिपति रेहाना खातून, एडीजी (दक्षिण बंगाल) सहित कई अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। 

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