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High Court: तेलंगाना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बच्चों के रात 11 बजे के बाद सिनेमाघर जाने पर रोक
Tue, 28 Jan 2025 07:38 PM IST
राहुल कुमार
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 28 Jan 2025 07:38 PM IST
सार
Telangana: तेलंगाना हाईकोर्ट ने सरकार की तरफ से कोई फैसला लिए जाने तक 16 साल से कम उम्र के बच्चों के रात 11 बजे के बाद सिनेमाघर जाने पर रोक भी लगा दी।
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सिनेमाघर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तेलंगाना हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सुबह 11 बजे से पहले और रात 11 बजे के बाद सिनेमाघरों/मल्टीप्लेक्स जाकर फिल्म देखने पर रोक लगाने का फैसला करे। इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार की तरफ से कोई फैसला लिए जाने तक 16 साल से कम उम्र के बच्चों के रात 11 बजे के बाद सिनेमाघर जाने पर रोक भी लगा दी।
हाईकोर्ट ने यह निर्णय राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा और बाल कल्याण पर व्यापक चर्चा के हिस्से के तौर पर किया। हाईकोर्ट सोमवार को राम चरण अभिनीत फिल्म गेम चेंजर और अन्य की टिकट कीमतों में वृद्धि से संबंधित याचिकाओं पर विचार कर रहा था। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए नियामक ढांचे की जरूरत बताई कि नाबालिगों को देर रात के शो में न जाना पड़े, जो उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
कोर्ट ने राज्य सरकार को सिनेमाघरों में बच्चों के प्रवेश को विनियमित करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने और इस मामले में हितधारकों से परामर्श करने का जिम्मा सौंपा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब तक ऐसी व्यवस्था नहीं होती प्रतिवादी 16 साल से कम उम्र के बच्चों को रात 11 बजे के बाद फिल्म देखने की अनुमति नहीं देंगे।
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याचिकाकर्ता ने दी थी ये दलील
याचिकाकर्ता विजय गोपाल के वकील ने दलील दी कि नाबालिगों को देर रात के दौरान फिल्में देखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि इससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।मल्टीप्लेक्स में अंतिम शो रात 1.30 बजे तक चलता है तथा देर रात के शो के दौरान सिनेमाघरों में नाबालिगों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पिछले वर्ष दिसंबर में संध्या थिएटर में ‘पुष्पा-2’ के शो के दौरान भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को देखते हुए सिनेमाघरों में नाबालिगों के प्रवेश को विनियमित करने के लिए त्वरित निर्णय लेना चाहिए। भगदड़ में एक लड़का गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसकी मां की मृत्यु हो गई थी।
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हाईकोर्ट ने यह निर्णय राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा और बाल कल्याण पर व्यापक चर्चा के हिस्से के तौर पर किया। हाईकोर्ट सोमवार को राम चरण अभिनीत फिल्म गेम चेंजर और अन्य की टिकट कीमतों में वृद्धि से संबंधित याचिकाओं पर विचार कर रहा था। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए नियामक ढांचे की जरूरत बताई कि नाबालिगों को देर रात के शो में न जाना पड़े, जो उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
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कोर्ट ने राज्य सरकार को सिनेमाघरों में बच्चों के प्रवेश को विनियमित करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने और इस मामले में हितधारकों से परामर्श करने का जिम्मा सौंपा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब तक ऐसी व्यवस्था नहीं होती प्रतिवादी 16 साल से कम उम्र के बच्चों को रात 11 बजे के बाद फिल्म देखने की अनुमति नहीं देंगे।
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याचिकाकर्ता ने दी थी ये दलील
याचिकाकर्ता विजय गोपाल के वकील ने दलील दी कि नाबालिगों को देर रात के दौरान फिल्में देखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि इससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।मल्टीप्लेक्स में अंतिम शो रात 1.30 बजे तक चलता है तथा देर रात के शो के दौरान सिनेमाघरों में नाबालिगों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पिछले वर्ष दिसंबर में संध्या थिएटर में ‘पुष्पा-2’ के शो के दौरान भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को देखते हुए सिनेमाघरों में नाबालिगों के प्रवेश को विनियमित करने के लिए त्वरित निर्णय लेना चाहिए। भगदड़ में एक लड़का गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसकी मां की मृत्यु हो गई थी।