Telangana: सीएम बोले- पहले नंबर पर आगे भी बना रहेगा तेलंगाना, केसीआर ने बनाई है यह योजना
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प्रति व्यक्ति आय के मामले में तेलंगाना देश का पहले नंबर पर राज्य बन चुका है। हमारी कोशिश है कि राज्य को मिला यह तमगा आगे भी बरकरार रहेगा। तेलंगाना राज्य के बनने के बाद जो चुनौतियां थीं, उन्हें न सिर्फ दूर किया गया, बल्कि देश के सबसे बेहतरीन राज्य बनने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने हैदराबाद में नए सचिवालय के शुभारंभ के वक्त यह बातें कहीं। केसीआर ने कहा कि आने वाले दिनों में तेलंगाना देश के सभी राज्यों को नई दिशा दिखाएगा और राज्य ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति में यहां के लोगों की बड़ी भागीदारी भी होगी। नए राज्य के विकास की मॉनिटरिंग के लिए बाकायदा विशेष कमेटियों का गठन किया गया है।
तेलंगाना राज्य के सबसे बड़े प्रशासनिक भवन भीमराव अंबेडकर राज्य सचिवालय का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव कहते हैं कि राज्य के आगे बढ़ने की दिशा में यह भवन बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि एक नए राज्य के बनने के दौरान बहुत ही चुनौतियां होती हैं, लेकिन राज्य की जनता से मिले जनादेश के बाद उन्होंने न सिर्फ उन चुनौतियों को स्वीकार किया बल्कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होती हुई राज्य की अर्थव्यवस्था के माध्यम से तेलंगाना को एक नई दिशा भी दी है। इस कार्यक्रम के दौरान राज्य भर से आए हुए सभी प्रमुख लोगों को संबोधित करते हुए केसीआर ने कहा कि 3,00,017 रुपये प्रति व्यक्ति आय के साथ तेलंगाना देश का नंबर वन राज्य है। कभी 1100 यूनिट प्रति व्यक्ति बिजली उपयोग वाला राज्य, तेलंगाना आज 2,140 यूनिट के साथ भारत में उच्चतम प्रति व्यक्ति बिजली खपत करने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि नए राज्य के लिए इस तरीके की तरक्की आने वाले भविष्य की सुनहरी तस्वीर दिखा रही है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बताया कि नया राज्य बनने के बाद किस तरीके से किसानों को सुदृढ़ करना, व्यापारिक गतिविधियों को गति देना और इन्फ्राट्रक्चरल सेटअप को आगे बढ़ाते हुए राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए राज्य के प्रत्येक व्यक्ति ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह कहते हैं कि आने वाले सालों में जिस तरीके से तेलंगाना में एक योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जा रहा है, उसे और आगे बढ़ाना है। इसके लिए के चंद्रशेखर राव ने अपने राज्य के प्रमुख जिम्मेदार अधिकारियों और जिम्मेदार प्रतिनिधियों कि कई कोर कमेटी अभी बनाई है। तेलंगाना राज्य से जुड़े एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कहते हैं कि मुख्यमंत्री केसीआर की प्राथमिकता में राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर किसानों की फसल और उन तक पहुंचने वाले पानी से लेकर ग्रामीण इलाकों में बेहतर सड़क नेटवर्क और शिक्षा शामिल है। उक्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री साप्ताहिक रूप से राज्य की इन सभी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की बैठक करते हैं, और उसके बाद आगे के दिशा निर्देशों के साथ एक तय वक्त देकर मॉनिटरिंग भी करते हैं।
मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने बताया कि हैदराबाद को अंतर्राष्ट्रीय शहर बनाने में जो भी आधारभूत सुविधाएं और संरचनाओं की आवश्यकता है, उन्हें तैयार किया जा रहा है। शहर में फ्लाईओवर ओवर ब्रिज अंडरपास के अलावा मल्टीस्पेशलिटी सुपर हॉस्पिटल वारंगल हेल्थ सिटी को डिवेलप किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिस तरीके से हैदराबाद में मल्टीनेशनल कंपनीज और अन्य बड़ी कंपनियों का विस्तार हो रहा है, वह आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु को भी पीछे छोड़ देगा। इसके लिए राज्य सरकार ने बाकायदा एक कमेटी का गठन किया है, जो सिंगल विंडो कांसेप्ट के साथ उन कंपनियों को राज्य में स्थापित करने और सुचारू रूप से इंडस्ट्री को चलाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बताया कि औद्योगिक नीति के मामले में लाखों करोड़ रुपये के निवेश से राज्य को नई गति दी जा रही है। नई औद्योगिक नीति के साथ-साथ किसान समुदाय के कल्याण के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं।
मुख्यमंत्री केसीआर ने जब अपने राज्य सचिवालय का नाम डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर रखा, तो सियासी गलियारों में इसके मायने भी तलाशे जाने लगे। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम के साथ सिर्फ तेलंगाना राज्य ही नहीं, बल्कि देश के सभी राज्यों में दलितों को एक संदेश देने की कोशिश की है। सियासी जानकार और वरिष्ठ पत्रकार दशरथ रेड्डी कहते हैं कि केसीआर अपनी राजनीतिक पार्टी को देश के बड़े फलक पर देखने के लिए तैयारियां कर रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने सिर्फ डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नाम पर अपने राज्य की सबसे बड़ी प्रशासनिक बिल्डिंग बनाई, बल्कि उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की एक भव्य प्रतिमा का अनावरण भी करके राज्य के तकरीबन 22 फीसदी दलितों को एक बड़ा संदेश देकर जोड़ने की कोशिश की है। दशरथ कहते हैं कि देश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों को एक साथ जोड़ कर आगे बढ़ाने की मुहिम में मुख्यमंत्री केसीआर और उनकी बेटी कविता सियासी रूप से सक्रिय हैं।