Telangana: के. कविता ने राहुल को बताया 'चुनावी गांधी', कहा- सनातन धर्म विवाद पर स्पष्ट करें रुख
Telangana: कविता ने कहा कि राहुल गांधी 'भारत जोड़ो' की बात करते हैं। अगर उन्होंने शुरू से ही 'सनातन धर्म' के अपमान को गंभीरता से लिया तो शायद अन्य ने ऐसे बयान नहीं दिए होते।
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भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सांसद के. कविता ने क्रिसमस की सुबह कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और पिछले महीने के विधानसभा चुनाव से पहले की बातों को याद किया। इस चुनाव में कांग्रेस ने बीआरएस को हराया था।
'विवादास्पद टिप्पणियों पर रुख स्पष्ट करें राहुल गांधी'
कविता ने उन पर तंज कसते हुए उन्हें 'चुनावी गांधी' कहा और मांग की कि वह सनातन धर्म विवाद सहित पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के सदस्यों की विवादास्पद टिप्पणियों पर अपना रुख स्पष्ट करें।
'सनातन धर्म और मजदूरों का अपमान करती हैं पार्टियां'
उन्होंने कहा, 'आज हम कई राजनीतिक नेताओं के दुर्भाग्यपूर्ण बयान देख रहे हैं। कुछ वर्गों से वोट हासिल करने की यह प्रक्रिया आखिरकार देश को उस तरीके विभाजित करेगी, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। जैसे पार्टियां सनातन धर्म या शौचालय साफ करने वाले मजदूरों का अपमान करती हैं।'
यहां 'सनातन धर्म' से उनका मतलब तमिलनाडु के मंत्री उदनिधि स्टालिन की एक विवादित टिप्पणी को लेकर था और 'मजदूरों का अपमान' द्रमुक नेता दयानिधि मारन की 2019 की एक वीडियो क्लिप के बारे में था, जिसमें वह उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के उन लोगों के बारे में अपमानजनक बात करते नजर आए थे जो उत्तर प्रदेश और बिहार से नौकरी के लिए दक्षिणी राज्य आते हैं।
तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ गठबंधन में द्रमुक
तमिलनाडु में कांग्रेस सत्तारूढ़ द्रमुक के साथ गठबंधन में है। दोनों इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। उदयनिधि की टिप्पणी की कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई सहित भाजपा के नेताओं ने आलोचना की थी और उन्हें 'हिटलर' व 'गंदी मानसिकता का व्यक्ति' बताया था।
'बयानों को गंभीरता से लेते राहुल गांधी तो...'
बीआरएस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी कविता ने कहा की कि इन बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी 'भारत जोड़ो' की बात करते हैं ... अगर उन्होंने शुरू से ही इन्हें गंभीरता से लिया होता, जब 'सनातन धर्म' का अपमान किया गया था और पूरे भारत में करोड़ों लोगों को चोट पहुंचाई गई थी, तो शायद अन्य ने ऐसे बयान नहीं दिए होते।'