तेलंगाना विधानसभा चुनाव : पहली सूची जारी होने के बाद कांग्रेस नेताओं में बढ़ा असंतोष
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तेलंगाना चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के साथ ही उसके विधायकों में असंतोष बढ़ गया है। हैदराबाद की श्रीलिंगमपल्ली सीट से विधायक बिक्षापति यादव ने पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताई है। गठबंधन में चुनाव लड़ रहे कांग्रेस ने यह सीट टीडीपी को दे दी है।
यादव ने कहा कि वह अपने क्षेत्र में पदयात्रा आयोजित कर चुके थे। पार्टी ने कड़ी मेहनत करने का यह सिला दिया। राहुल गांधी ने वादा किया था कि किसी भी पैराशूट उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया जाएगा, लेकिन अब क्या हो रहा है।
दूसरी ओर, पूर्व मंत्री पोनल्ला लक्ष्मैया ने सूची में नाम नहीं होने पर दिल्ली रवाना हो गए हैं, जबकि आर कृष्णन ने पार्टी पर पिछड़ी जाति के नेताओं से भेदभाव का आरोप लगाया है।
कांग्रेस-टीआरएस में सीधी टक्कर : राव
टीआरएस का कहना है कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव में उनकी सीधी टक्कर कांग्रेस से हैं। भाजपा तो पिक्चर में कहीं नहीं है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे केटी रामा राव ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस हमारी मुख्य प्रतिद्वंद्वी है। भाजपा का तेलंगाना में कोई वजूद नहीं है।
राव ने दावा किया कि करीब 100 सीटों पर उनके प्रत्याशी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे और उनका एक भी विधायक जीतकर नहीं आएगा। इस बीच, भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हाराव ने कहा कि चुनाव के परिणाम चौंकाने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि हमें कम आंका जा रहा है, लेकिन मुझे भरोसा है कि नतीजे सकारात्मक रहेंगे।