तेलंगाना चुनाव 2018: माओवादी खतरे से निपटने के लिए पुलिस ने कसी कमर
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तेलंगाना में सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य की पुलिस छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से लगते जिलों में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के संभावित खतरों पर लगाम लगाने के लिए बहुआयामी नीति अपना रही है। पुलिस के वारिष्ठ अधिकारियों ने खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए कहा कि हमें आशंका है कि माओवादी महज सनसनी पैदा करने और अपनी मौजूदगी साबित करने के लिए कुछ अप्रिय घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
पुलिस ने कहा कि मुक्त, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस के अनुसार माओवादियों को तेलंगाना में लगभग उखाड़ फेंका गया है और उनकी गतिविधियां राज्य में एक तरह से नगण्य हैं। लेकिन चुनावी माहौल को देखते हुए पुलिस को छत्तीसगढ़ की सीमा से लगते कुछ इलाकों में माओवादियों से कुछ खतरे (कुछ आपराधिक संभावना) की आशंका है।
चुनावी अधिसूचना के अनुसार 119 विधानसभा क्षेत्रों में 13 को वामपंथी अतिवाद (एलडब्ल्यूई) के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र के तौर चिह्नित किया गया है। इन संवदेनशील क्षेत्रों में चुनाव सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक होंगे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमारी एक्शन टीम भी तैयार है और हम प्रतिबंधित संगठनों के समस्या पैदा करने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं।
हमने नक्सल रोधी बल को तैनात किया है और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हम बहुआयामी नीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी क्षेत्र) वाई नागी रेड्डी ने कहा कि हमलोग किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।