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टीडीएस धोखाधड़ी मामला: 'आईपीएस अधिकारी के पति ने भारत के साथ विदेश में भी किया धन शोधन'; ईडी ने किया बड़ा दावा
Tue, 16 Jul 2024 10:58 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 16 Jul 2024 10:58 PM IST
सार
263 करोड़ रुपये के कथित आयकर रिफंड धोखाधड़ी मामले में ईडी की तरफ से विशेष अदालत में दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट के अनुसार, आईपीएस अधिकारी के पति पुरुषोत्तम चव्हाण ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर भारत और विदेश में 11 करोड़ रुपये की धनराशि का शोधन किया।
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हथकड़ी, arrest
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
धन शोधन निरोधक एजेंसी के अनुसार, पूर्व आयकर अधिकारी और मुख्य आरोपी तानाजी अधिकारी ने शान-शौकत से जीवन जिया और अपराध की आय (पीओसी) का उपयोग करके भारत में कई स्थानों पर संपत्ति अर्जित की। यह मामला आयकर विभाग से 263.95 करोड़ रुपये के टीडीएस रिफंड के कथित धोखाधड़ी से सृजन और जारी करने से जुड़ा है।
पीएमएलए अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल
इस मामले में पुरुषोत्तम चव्हाण को मई में गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों में पूर्व आयकर अधिकारी तानाजी मंडल अधिकारी, भूषण पाटिल, राजेश शेट्टी और राजेश बत्रेजा शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में मुंबई की पीएमएलए अदालत में आईपीएस अधिकारी के पति समेत छह लोगों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया है।
विशेष न्यायाधीश ने लिया सप्लीमेंट्री चार्जशीट का संज्ञान
धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश ए. सी. डागा ने सोमवार को सप्लीमेंट्री चार्जशीट का संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया कि प्रथम दृष्टया सभी आरोपी धन शोधन की प्रक्रिया में शामिल प्रतीत होते हैं। मामले में अदालत ने कहा कि चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और आरोपियों को दी गई भूमिकाओं के सावधानीपूर्वक अध्ययन से साफ पता चलता है कि वे सभी या तो आपराधिक गतिविधियों से संबंधित अपराध की आय के सृजन का हिस्सा हैं।
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आरोपियों ने ऐसे किया धनशोधन- ईडी
ईडी की जांच से पता चला है कि पुरुषोत्तम चव्हाण ने भारत और विदेशों में अपराध की आय को संभालने और डायवर्ट करने में राजेश बत्रेजा और अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलीभगत की। ईडी के अनुसार, अगस्त 2023 से नवंबर 2023 तक बत्रेजा और चव्हाण ने लगभग 11 करोड़ रुपये का धनशोधन किया। ईडी ने आरोपियों की भूमिका पर कहा कि बत्रेजा हवाला चैनल के जरिए दुबई से दागी धन वापस लाया, जबकि चव्हाण ने यूके और यूएई से अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड का इस्तेमाल किया और अपराध के दौरान और उसके बाद अक्सर कई देशों का दौरा किया।
भारत में कई स्थानों पर संपत्ति अर्जित की
जांच एजेंसी ने कहा कि अधिकारी ने नवंबर 2019 से मार्च 2021 तक एक शानदार जीवन शैली के लिए पीओसी का इस्तेमाल किया और अन्य आरोपियों की मदद से भारत में कई स्थानों पर संपत्ति अर्जित की। इसमें कहा गया है कि आरोपियों की तरफ से अपनाई गई अपराध रणनीतियों में से एक अपराध की आय को नकदी में बदलना शामिल था ताकि इसका आसानी से पता न लगाया जा सके और बाद में हवाला चैनल के जरिए नकदी को दुबई भेज दिया जाए।
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पीएमएलए अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल
इस मामले में पुरुषोत्तम चव्हाण को मई में गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों में पूर्व आयकर अधिकारी तानाजी मंडल अधिकारी, भूषण पाटिल, राजेश शेट्टी और राजेश बत्रेजा शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में मुंबई की पीएमएलए अदालत में आईपीएस अधिकारी के पति समेत छह लोगों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया है।
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विशेष न्यायाधीश ने लिया सप्लीमेंट्री चार्जशीट का संज्ञान
धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश ए. सी. डागा ने सोमवार को सप्लीमेंट्री चार्जशीट का संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया कि प्रथम दृष्टया सभी आरोपी धन शोधन की प्रक्रिया में शामिल प्रतीत होते हैं। मामले में अदालत ने कहा कि चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और आरोपियों को दी गई भूमिकाओं के सावधानीपूर्वक अध्ययन से साफ पता चलता है कि वे सभी या तो आपराधिक गतिविधियों से संबंधित अपराध की आय के सृजन का हिस्सा हैं।
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आरोपियों ने ऐसे किया धनशोधन- ईडी
ईडी की जांच से पता चला है कि पुरुषोत्तम चव्हाण ने भारत और विदेशों में अपराध की आय को संभालने और डायवर्ट करने में राजेश बत्रेजा और अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलीभगत की। ईडी के अनुसार, अगस्त 2023 से नवंबर 2023 तक बत्रेजा और चव्हाण ने लगभग 11 करोड़ रुपये का धनशोधन किया। ईडी ने आरोपियों की भूमिका पर कहा कि बत्रेजा हवाला चैनल के जरिए दुबई से दागी धन वापस लाया, जबकि चव्हाण ने यूके और यूएई से अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड का इस्तेमाल किया और अपराध के दौरान और उसके बाद अक्सर कई देशों का दौरा किया।
भारत में कई स्थानों पर संपत्ति अर्जित की
जांच एजेंसी ने कहा कि अधिकारी ने नवंबर 2019 से मार्च 2021 तक एक शानदार जीवन शैली के लिए पीओसी का इस्तेमाल किया और अन्य आरोपियों की मदद से भारत में कई स्थानों पर संपत्ति अर्जित की। इसमें कहा गया है कि आरोपियों की तरफ से अपनाई गई अपराध रणनीतियों में से एक अपराध की आय को नकदी में बदलना शामिल था ताकि इसका आसानी से पता न लगाया जा सके और बाद में हवाला चैनल के जरिए नकदी को दुबई भेज दिया जाए।