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पीएम मोदी से मिलना चाहते थे नायडू, PMO ने कहा- अमित शाह से मिल लीजिए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:14 AM IST
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चंद्रबाबू नायडू
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आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से केंद्र सरकार के इनकार के बाद तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से नाता तोड़ दिया है। केंद्र सरकार ने हालांकि बुधवार शाम को वित्त मंत्री अरुण जेटली के जरिये डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। लेकिन यह सफल नहीं रहा।
केंद्र में टीडीपी के दोनों मंत्री अशोक गजपति राजू और वाईएस चौधरी बृहस्पतिवार सुबह मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देंगे। टीडीपी नेता वाईएस चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह सही कदम नहीं है लेकिन केंद्र की अनदेखी के चलते हम मंत्री पद त्याग रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारे अध्यक्ष ने कहा है कि हम एनडीए के साथ बने रहेंगे। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी के नेता चंद्रबाबू नायडू ने देर रात कहा कि हमारे मंत्रियों का इस्तीफा पहला कदम है।
उन्होंने कहा कि पीएम ने हमें मिलने का वक्त भी नहीं दिया और अरुण जेटली के बयान ने साफ कर दिया कि वे आंध्र प्रदेश की मदद नहीं करेंगे। अब आंध्र प्रदेश की सरकार में शामिल भाजपा के मंत्री भी जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं।
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केंद्र में टीडीपी के दोनों मंत्री अशोक गजपति राजू और वाईएस चौधरी बृहस्पतिवार सुबह मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देंगे। टीडीपी नेता वाईएस चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह सही कदम नहीं है लेकिन केंद्र की अनदेखी के चलते हम मंत्री पद त्याग रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारे अध्यक्ष ने कहा है कि हम एनडीए के साथ बने रहेंगे। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
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It is not a good move but unfortunately due to unavoidable circumstances we're stepping down as ministers. Our President said that we will continue to be a partner of NDA. We are most likely to meet PM also: YS Chowdary, Union Minister, TDP pic.twitter.com/wg1YUkEGB0
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 8, 2018
पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी के नेता चंद्रबाबू नायडू ने देर रात कहा कि हमारे मंत्रियों का इस्तीफा पहला कदम है।
उन्होंने कहा कि पीएम ने हमें मिलने का वक्त भी नहीं दिया और अरुण जेटली के बयान ने साफ कर दिया कि वे आंध्र प्रदेश की मदद नहीं करेंगे। अब आंध्र प्रदेश की सरकार में शामिल भाजपा के मंत्री भी जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं।
जेटली के बयान से टीडीपी नाखुश
पिछले कई दिनों से टीडीपी सांसद लोकसभा और राज्यसभा दोनों में अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें बुलाकर साफ कह दिया कि वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता।
क्योंकि एक राज्य को यह सुविधा देने से दूसरे राज्यों से भी ऐसी मांग उठेगी और केंद्र सरकार इतना वित्तीय बोझ उठाने की स्थिति में नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विशेष दर्जे के बराबर राज्य को सभी वित्तीय सहायता देने के लिए तैयार है।
टीडीपी इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। आंध्र प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने भी घोषणा कर दी है यदि मार्च के अंत तक आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला तो अप्रैल के प्रथम सप्ताह में उसके सभी विधायक विधानसभा से इस्तीफा दे देंगे।
चूंकि आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अब बमुश्किल एक साल बचा है इसलिए टीडीपी किसी भी सूरत में इस मुद्दे को विपक्ष के पाले में नहीं जाने देना चाहती। यही वजह है संसद से लेकर सड़क तक वह इस मुद्दे पर राजनीति गरमाए हुए है।
क्योंकि एक राज्य को यह सुविधा देने से दूसरे राज्यों से भी ऐसी मांग उठेगी और केंद्र सरकार इतना वित्तीय बोझ उठाने की स्थिति में नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विशेष दर्जे के बराबर राज्य को सभी वित्तीय सहायता देने के लिए तैयार है।
टीडीपी इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। आंध्र प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने भी घोषणा कर दी है यदि मार्च के अंत तक आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला तो अप्रैल के प्रथम सप्ताह में उसके सभी विधायक विधानसभा से इस्तीफा दे देंगे।
चूंकि आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अब बमुश्किल एक साल बचा है इसलिए टीडीपी किसी भी सूरत में इस मुद्दे को विपक्ष के पाले में नहीं जाने देना चाहती। यही वजह है संसद से लेकर सड़क तक वह इस मुद्दे पर राजनीति गरमाए हुए है।
पीएमओ से कहा गया, शाह से मिल लीजिए
चंद्रबाबू नायडू ने देर रात कहा कि हमने प्रधानमंत्री से बात करने की कोशिश की थी। करीब एक महीने से उनसे मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन चार दिन पहले उन्हें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलने का समय मिला। हमसे कहा गया कि आप अमित शाह से मिल लीजिए।
माना जा रहा है कि इससे भी नायडू की नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने यह भी बताया कि साथ छोड़ने की जानकारी देने के लिए भी उन्होंने पीएम से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह लाइन पर नहीं आए।
माना जा रहा है कि इससे भी नायडू की नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने यह भी बताया कि साथ छोड़ने की जानकारी देने के लिए भी उन्होंने पीएम से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह लाइन पर नहीं आए।