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केरल: सबरीमाला में 'हलाल गुड़' पर बवाल, हाईकोर्ट पहुंचा मामला, बोर्ड ने दी यह सफाई

Fri, 19 Nov 2021 03:22 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: देव कश्यप Updated Fri, 19 Nov 2021 03:22 AM IST
सार

सबरीमाला में प्रसाद में हलाल गुड़ के इस्तेमाल की खबरें निराधार हैं और लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। यह जानकारी त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) ने गुरुवार को केरल उच्च न्यायालय को दी।

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TDB filed reply after a devotee moved the HC questioning halal specifications on jaggery packets
सबरीमाला मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सबरीमाला के प्रसाद में हलाल गुड़ के इस्तेमाल को लेकर बवाल मचने के बाद सबरीमाला बोर्ड ने केरल हाईकोर्ट में अपना जवाब दायर किया। पठानमथिट्टा जिले के सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने गुरुवार को केरल उच्च न्यायालय को बताया कि उसके द्वारा प्राप्त किए गए गुड़ की ‘पैकेजिंग’ पर पर ‘हलाल’ लिखा हुआ है क्योंकि इसकी आपूर्ति करने वाली महाराष्ट्र की एक फर्म से इसे अरब देशों को भी निर्यात करती है।

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टीडीबी ने केरल हाईकोर्ट को बताया कि सबरीमाला में प्रसाद में हलाल गुड़ के इस्तेमाल संबंधी खबरें निराधार हैं और लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। बोर्ड ने बताया कि सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर में प्रसादम तैयार करने के लिए ‘हलाल गुड़’ का इस्तेमाल किए जाने की खबरें निराधार है। मंदिर का प्रबंधन करने वाले टीडीबी ने एक याचिका का जवाब देते हुए उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें मंदिर में प्रसाद के रूप में पेश किए जाने वाले ‘अरवाना पायसम’ और ‘अप्पम’ की तैयारी में ‘हलाल गुड़’ के कथित इस्तेमाल को बंद करने की मांग की गई थी।
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बोर्ड ने उच्च न्यायालय को बताया कि अनुबंधित कंपनी से प्राप्त गुड़ की सर्वप्रथम पम्बा में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच की जाती है और उसकी मंजूरी मिलने के बाद इसे वहां गोदाम में रखा जाता है। 
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बोर्ड ने न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पीजी अजीत कुमार की पीठ से कहा कि वहां (गोदाम) से जरूरत के मुताबिक गुड़ को सबरीमला में मुख्य भंडार गृह तक पहुंचाया जाता है और वझीपाडु (प्रसाद) तैयार करने के बाद उसकी भी जांच की जाती है, फिर उसे वितरित किया जाता है या बेचा जाता है। अदालत ने इस विषय पर आगे की सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख दी है, तब तक विशेष आयुक्त, सबरीमला की रिपोर्ट भी आ जाएगी।

एसजेआर कुमार नाम के एक श्रद्धालु की याचिका पर बोर्ड ने यह दलील दी है। उन्होंने अयप्पा मंदिर में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले अरवण (गुड़ और चावल से बनी खीर) और अप्पम (चावल और गुड़ की टिक्की) तैयार करने के लिए ‘हलाल’ प्रमाणित गुड़ खरीदे जाने का विरोध किया है।

अधिवक्ता वी सजीत कुमार के मार्फत दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि हलाल प्रमाणित खाद्य सामग्री भगवान अयप्पा को चढ़ाये जाने के लिए सात्विक सामग्री नहीं है और इसलिए मंदिर प्रशासन के कार्य अत्यधिक अवैध हैं और संविधान के तहत प्रदत्त धार्मिक अधिकार का उल्लंघन करते हैं।

वहीं, बोर्ड ने याचिकाकर्ता के दावे का विरोध करते हुए अपने बयान में दलील दी कि रिट याचिका में लगाये गए आरोप पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और सबरीमला में प्रसाद की बिक्री को रोकने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से प्रेरित है।

प्रसादम में नहीं प्रयोग किया हलाल प्रमाण वाला गुड़
अपने जवाब में, टीडीबी ने बताया कि 2020 में खरीदे गए गुड़ के बोरों में से कुछ में हलाल प्रमाणीकरण किया था। जब पूछताछ की गई, तो आपूर्तिकर्ता ने कहा था कि निर्यात उद्देश्यों के लिए ऐसे प्रमाणीकरण की आवश्यकता थी। निर्यात के लिए इस प्रकार के कुछ बोरे सबरीमाला मंदिर के लिए भेजे गए गुड़ के साथ मिल गए थे। टीडीबी ने कहा कि हलाल प्रमाणीकरण के साथ चिह्नित बोरियों वाले गुड़ का उपयोग मंदिर में प्रसादम तैयार करने में नहीं किया गया था।



सत्तारूढ़ माकपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी, नव-नियुक्त टीडीएम अध्यक्ष के अनंतगोपन ने कहा कि मंदिर को बदनाम करने और प्रसाद की बिक्री को कम करने के लिए ऐसी झूठी खबरें बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, 'हम अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए साइबर विंग से संपर्क करेंगे।' वहीं हिंदू एक्य वेदी ने इसकी विस्तृत जांच की मांग की है। इसके नेता आर वी बाबू ने कहा कि "यह देवता और भक्तों की भीड़ का अपमान है।" 

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