फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   TCS has given election fund of Rs 220 crore in three months

टीसीएस ने तीन महीने में दिया 220 करोड़ का चुनावी चंदा

Sun, 14 Apr 2019 02:07 AM IST
Avdhesh Kumar एजेंसी, बंगलूरू
एजेंसी, बंगलूरू Published by: Avdhesh Kumar Updated Sun, 14 Apr 2019 02:07 AM IST
विज्ञापन
TCS has given election fund of Rs 220 crore in three months
tcs
टाटा ग्रुप की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही यानी जनवरी से मार्च, 2019 तक करीब 220 करोड़ रुपया चुनावी चंदा देने में खर्च किया। कंपनी ने शुक्रवार को घोषित किए अपने वित्तीय आंकड़ों में इस खर्च को लाभ-हानि कॉलम के तहत अन्य खर्च में रखा है।
विज्ञापन


टीसीएस की तरफ से दी गई यह रकम अब तक किसी कॉरपोरेट कंपनी की तरफ से दिया गया सबसे बड़ा चुनावी चंदा माना जा रहा है। हालांकि टीसीएस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि जिस चुनावी ट्रस्ट को यह चंदा दिया है, उस ट्रस्ट ने इसे किन राजनीतिक दलों को दिया है।
विज्ञापन


बता दें कि टीसीएस समेत टाटा ग्रुप की सभी कंपनियां पहले भी चुनावी ट्रस्टों को पैसा देकर राजनीतिक दलों की मदद कर चुकी हैं। टीसीएस ने इससे पहले टाटा ट्रस्ट की तरफ से ही 2013 में स्थापित प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट (पीईटी) को चंदा दिया था। पीईटी ने 1 अप्रैल, 2013 से 31 मार्च, 2016 के बीच कई राजनीतिक पार्टियों को चंदा देकर उनकी मदद की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पीईटी की तरफ से सबसे ज्यादा चंदा कांग्रेस और बीजू जनता दल को दिया गया था। हालांकि इस दौरान पीईटी के चंदे में टीसीएस का महज 1.5 करोड़ रुपये का ही योगदान रहा था। पीईटी ने हाल ही में चुनाव आयोग के सामने अपनी सालाना रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें उसने वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान किसी भी राजनीतिक दल को चंदा नहीं देने की बात कही थी। पीईटी ने इसके चलते खुद को 54,844 करोड़ रुपये का घाटा होने की बात भी रिपोर्ट में लिखी थी।

प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट जुटाता है सबसे ज्यादा चंदा

देश में कई इलेक्टोरल ट्रस्ट को कॉरपोरेट घरानों और राजनीतिक दलों के बीच मध्यस्थता निभाने की मान्यता मिली हुई है। इनमें सबसे प्रूडेंट इलेक्ट्रोरल ट्रस्ट को सबसे बड़ा माना जाता है, जिसके खाते में पिछले चार साल में देश के सभी इलेक्टोरल ट्रस्टों को मिली रकम का करीब 90 फीसदी हिस्सा आया है।


इस ट्रस्ट में चंदे का सबसे ज्यादा योगदान भारती ग्रुप की कंपनियाें और डीएलएफ समूह से आता है। वित्त वर्ष 2017-18 में प्रूडेंट ने अपने पास जमा करीब 169 करोड़ रुपये में से 144 करोड़ रुपये भाजपा को दिए थे। भाजपा को मिले इस पैसे में भारती ग्रुप ने 33 करोड़ रुपये और डीएलएफ ने 52 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed