{"_id":"589d03fc4f1c1b865237ba0b","slug":"tax-collection-will-increase-from-notebandi","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार को उम्मीद नोटबंदी से कर वसूली में होगी बढ़ोतरी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सरकार को उम्मीद नोटबंदी से कर वसूली में होगी बढ़ोतरी
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Feb 2017 06:45 AM IST
विज्ञापन
अरुण जेटली
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि नोटबंदी से कर वसूली में बढ़ोतरी के संकेत हैं और उम्मीद है कि ज्यादा कर वसूली होगी। जेटली ने यहां बृहस्पतिवार को एसोचैम के 96वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि नोटबंदी के बाद कर वसूली के जो आंकड़े आए हैं, उसमें बढ़ोतरी के संकेत हैं। यही नहीं, इससे वर्ष के अंत में भी ज्यादा कर वसूली होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जहां काला धन का व्यापक असर है और यह दुनिया के ऐसे शीर्ष देशों की सूची में शामिल है।
विज्ञापन
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर जेटली ने कहा कि यह भारत के लिए चिंता की बात है। लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि शेल गैस की वजह से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लग सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि आधार को अब कानूनी स्वरूप मिलने से यह सब्सिडी को पात्र तक पहुंचाने में लांचिंग पैड का काम करेगा। इससे सब्सिडी का दुरुपयोग भी रुकेगा और सार्वजनिक कोष की भी बचत होगी।
विज्ञापन
यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई- योजना की चर्चा करते हुए जेटली ने कहा कि यूबीआई एक ऐसा विचार है, जिस पर आगे काम हो सकता है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को ही एक राज्य के वित्त मंत्री ने उनसे मुलाकात के दौरान संकेत दिया कि वह अपने राज्य में इसे पायलट परियोजना के तौर पर लागू करने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
उन्होंने विकसित देशों की संरक्षणवादी नीति का जिक्र करते हुए कहा कि वे अब संरक्षणवादी व्यापार की नीति पर अमल करने लगे हैं। इससे अपना कारोबार घट सकता है क्योंकि इसका असर भारतीय निर्यात भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की इस तरह की नीतियों का असर अंतत: वैश्विकक सकल घरेलू उत्पाद को घटा देगा। वैश्विक सुस्ती का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह कोई अल्पावधि की समस्या नहीं है, यह लंबे समय तक चल सकती है। इसलिए इसी हिसाब से रणनीति बनाने की आवश्यकता है।