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kakistocracywestbengal : कोलकाता चुनाव में भाजपा की हार से भड़के तथागत रॉय, राज्य के पार्टी नेतृत्व को धोखेबाज व गद्दार कहा
Wed, 22 Dec 2021 03:56 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 22 Dec 2021 03:56 PM IST
सार
#kakistocracywestbengal : तथागत रॉय ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि 'बंगाली हिंदू विनाश और विलुप्त होने की ओर अग्रसर होते हुए नजर आ रहे हैं। उनका मुख्य निवास, पश्चिम बंगाल पिछले 44 सालों से आत्म-विनाशकों के एक समूह द्वारा शासित काकीस्टोक्रेसी का शिकार है। सरकार के इस रूप में सबसे बुरे लोग सत्ता में हैं।'
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तथागत रॉय
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
कोलकाता नगर निगम चुनाव में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन के दूसरे ही दिन पार्टी के वरिष्ठ नेता तथागत रॉय पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के नेतृत्व पर भड़क उठे। उन्होंने नेतृत्व की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में पार्टी को सड़े हुए धोखेबाजों और गद्दारों के समूह द्वारा चलाया जा रहा है।
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कोलकाता नगर निगम चुनाव के मंगलवार को आए नतीजों में 144 सदस्यीय निगम परिषद में राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 134 सीटें जीती हैं। माना जा रहा है कि सात माह पहले बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की प्रचंड जीत की तरह जनता ने अपना समर्थन दोहराया है। विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद भाजपा ने अपनी चमक खो दी है। कोलकाता में वह मात्र तीन वार्ड जीत सकी है, जबकि माकपा नीत वाम मोर्चे की हालत तो और बुरी है, वह और कांग्रेस दो-दो और वार्ड जीत सके, जबकि तीन वार्ड में निर्दलीय विजयी रहे।
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बंगाली हिंदू विनाश व विलुप्त होने की ओर
त्रिपुरा व मेघालय के पूर्व राज्यपाल रहे तथागत रॉय ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि 'बंगाली हिंदू विनाश और विलुप्त होने की ओर अग्रसर होते हुए नजर आ रहे हैं। उनका मुख्य निवास, पश्चिम बंगाल पिछले 44 सालों से आत्म-विनाशकों के एक समूह द्वारा शासित काकीस्टोक्रेसी सबसे बुरे व्यक्तियों द्वारा संचालित सरकार का शिकार है। सरकार के इस रूप में सबसे बुरे लोग सत्ता में हैं।'
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रॉय ने कहा कि भाजपा खुद को स्थापित कर सकती थी, लेकिन उसे पूरी तरह धोखेबाजों व गद्दारों के समूह को चलाने के लिए छोड़ दिया गया। नतीजा 2021 के विधानसभा चुनाव में हार के रूप में सामने आया और उसके बाद भी कोई गंभीर सुधार नहीं होने के कारण, कोलकाता नगर निगम चुनाव में पराजय हुई। #KakistocracyWestBengal से किए कई ट्वीट में उन्होंने यह इल्जाम लगाए।
रॉय ने कही सार्वजनिक रूप से खरी-खरी बातें
पूर्व राज्यपाल ने आगे कहा, 'कुछ लोग सार्वजनिक रूप से भाजपा के खिलाफ मेरी टिप्पणियों से बुरा महसूस कर रहे हैं। मैं भी इससे परेशान हूं, लेकिन कोई रास्ता नहीं है। मैंने पार्टी के मंचों पर गोपनीय ढंग से उन चीजों को कहा है, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं जीवित हूं या मर गया हूं, महत्वपूर्ण यह है कि हिंदू बंगालियों की हार तय है।'
रॉय की टिप्पणियों व आरोपों पर पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि केवल रॉय ही अपने बयान पर बोल सकते हैं। रॉय भाजपा के पश्चिम बंगाल के प्रभारी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष और वरिष्ठ नेताओं अरविंद मेनन और शिव प्रकाश द्वारा लिए गए फैसलों की आलोचना करते रहे हैं। वह विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए इन नेताओं को दोषी ठहराते हैं।