फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   MLA loyalty be tested ahead of Assembly polls Akhilesh preparing field third candidate Rajya Sabha Elections

राज्यसभा चुनाव: विधानसभा से पहले होगी विधायकों की निष्ठा की परख, तीसरा प्रत्याशी उतारने की तैयारी में अखिलेश

Thu, 24 Sep 2026 06:35 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 24 Sep 2026 06:35 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। भाजपा सात सीटें आसानी से जीत सकती है, जबकि आठवीं सीट के लिए उसे अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। सपा के पास कांग्रेस समेत 103 विधायक बताए गए हैं, जिससे दो सीटें सुरक्षित हैं; तीसरी सीट के लिए उसे करीब 8 अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे।  

विज्ञापन
MLA loyalty be tested ahead of Assembly polls Akhilesh preparing field third candidate Rajya Sabha Elections
अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के ठीक पहले होने जा रहे राज्यसभा चुनाव भाजपा व समाजवादी पार्टी के बीच जोर आजमाइश का सबब बनने जा रहा है। इसमें क्रॉस वोटिंग से लेकर, गैरहाजिर रहने से लेकर व पाला बदलने की संभावना तो बन ही रही है, साथ ही कई माननीयों का टिकट भी प्रभावित हो सकता है। वजह है कि सपा अपने अतिरिक्त वोटों को बिखरने से बचाने के लिए तीसरा प्रत्याशी उतार सकती है।

विज्ञापन


दस सीटों पर चुनाव होना है चुनाव
यूपी से राज्यसभा की दस सीटों पर चुनाव होना है इसमें भाजपा सात सीटें आराम से निकाल लेगी। भाजपा को आठवां प्रत्याशी जिताने में कुछ वोटों की जरूरत होगी। अगर सपा दो सीट पर संतुष्ट है तब तो सभी सीटों पर निर्विरोध चुनाव हो जाएगा और मतदान की नौबत नहीं आएगी। सपा खेमे के पास कांग्रेस के दो मिलाकर 103 विधायक हैं। इसके जरिए वह दो सीट आसानी से निकाल सकती है। इसके बाद 29 वोट बचते हैं। सपा का मानना है कि अगर 8 विधायकों का समर्थन कहीं से मिल जाए तो तीसरी सीट के लिए वोटों का जुगाड़ हो जाएगा।
विज्ञापन


भाजपा के सहयोगियों पर सपा की नजर
इसके लिए उसकी नजर भाजपा के सहयोगी दलों के उन विधायकों पर है जो विधानसभा टिकट को लेकर उहापोह में हैं। अगर भाजपा ने अतिरिक्त प्रत्याशी उतार दिया तो सपा के लिए अपने विधायकों को क्रासवोटिंग से बचाने की चुनौती होगी। दो साल पहले हुए राज्यसभा चुनाव में सपा खेमे में खुलेआम क्रासवोटिंग भाजपा के पक्ष में हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है विधानसभा का मौजूदा गणित
यूपी विधानसभा की मौजूदा सदस्य संख्या 397 हैं। छह विधायकों की मृत्यु होने के कारण छह स्थान रिक्त हैं। एक सीट के लिए 37 वोटों की जरूरत है। सपा अपने बूते दो सीट जीत सकती है। प्रथम वरीयता के 37 वोट चाहिए। सपा को अपना तीसरा प्रत्याशी जिताने के लिए 8 अतिरिक्त वोट चाहिए। भाजपा के लिए आठवीं सीट और सपा के लिए तीसरी सीट के दावे के बीच अतिरिक्त समर्थन अहम होगा। क्रॉस वोटिंग और गैरहाजिरी का असर भी इन चुनावों पर पड़ सकता है। खास बात यह कि पहली वरीयता के साथ आगे के वोट किधर जाते हैं यह भी अहम होता है। इसलिए विधायकों की वोटिंग रणनीति ऐन वक्त पर वोटों के वास्तविक वितरण के चलते नतीजे तय होते हैं।


ये भी पढ़ें: अमरोहा: विधायक के फार्म हाउस पर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार, दो निलंबित; जांच जारी

ये है चुनावी गणित 
यूपी विधानसभा में 397 सदस्य हैं। छह विधायकों की मृत्यु के कारण स्थान रिक्त हैं। इस तरह राज्यसभा में एक सीट जीतने के लिए लगभग 39.7 वोट चाहिए। भाजपा-256, सपा-101, अपना दल सोनेलाल-13, राष्ट्रीय लोकदल-9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी-6, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल-5 विधायक हैं। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस व जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के दो दो विधायक हैं। सपा से बगावत के बाद तीन विधायक अभय सिंह, मनोज पांडेय व राकेश प्रताप सिंह असंबंद्ध हैं। बाकी चार भी भाजपा के साथ हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed