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तांडव केस: सुप्रीम कोर्ट ने अपर्णा पुरोहित की गिरफ्तारी पर लगाई रोक, यूपी सरकार को भेजा नोटिस

Fri, 05 Mar 2021 02:16 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर अजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, नई दिल्ली Published by: प्रियंका तिवारी Updated Fri, 05 Mar 2021 02:16 PM IST
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Tandav case: Supreme Court temporarily bans arrest of Aparna Purohit, notice sent to UP government
अमेजन प्राइम की इंडिया प्रमुख अपर्णा पुरोहित - फोटो : सोशल मीडिया

उच्चतम न्यायालय ने आज यानी शुक्रवार को तांडव विवाद मामले में अमेजन प्राइम की इंडिया प्रमुख अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की और उत्तर प्रदेश (यूपी) सरकार को नोटिस भेजा। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अपर्णा की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए यूपी सरकार को वेब सीरीज तांडव के लिए लखनऊ में दर्ज एफआईआर की जांच में अपर्णा से सहयोग करने के लिए कहा।

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ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म की सामग्री पर नियंत्रण के लिए बने नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा, ‘इनमें जुर्माना लगाने या मुकदमा चलाने जैसे प्रावधान नहीं है। बिना उचित कानून पास किए इन पर नियंत्रण नहीं हो सकता।’ सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है कि सरकार दो हफ्ते में ड्राफ्ट कानून कोर्ट में पेश करेगी।
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को भी इस मामले पर सुनवाई की थी। इस दौरान कोर्ट ने कहा था कि कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री प्रसारित की जा रही हैं। इसकी स्क्रीनिंग होनी चाहिए।अदालत ने कहा था कि इसमें संतुलन बनाने की जरूरत है।

बता दें कि वेब सीरीज तांडव में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने और प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद की गरिमा से खिलवाड़ करने के अलावा राज्य की पुलिस के गलत चित्रण और जातीय आधार पर समाज को बांटने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश के तीन शहरों लखनऊ, नोएडा और शाहजहांपुर में एफआईआर दर्ज हुई थी।

अपर्णा पुरोहित ने लखनऊ में दर्ज एफआईआर में इलाहाबाद हाई कोर्ट से गिरफ्तारी से राहत मांगी थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी याचिका ठुकरा दी थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने  यह भी कहा था कि संविधान में सभी धर्मों के सम्मान को जगह दी गई है। इस सीरीज में समाज में जाति के आधार पर भी विभेद पैदा करने की कोशिश की गई है। इसलिए गिरफ्तारी पर रोक का आदेश नहीं दिया जा सकता।


पुरोहित के लिए सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने उनके खिलाफ इस मामले को हैरान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह महिला अमेजन की कर्मचारी हैं। वह न तो इस सीरीज की निर्माता हैं और न ही कलाकार हैं लेकिन फिर भी देशभर में वेब सीरिज से संबंधित 10 मामलों में उन्हें आरोपी बनाया गया है।

बता दें नौ एपिसोड वाली सीरीज तांडव एक राजनीतिक थ्रिलर है। इसकी अमेजन पर हाल ही में स्ट्रीमिंग हुई थी। इसमें बॉलीवुड की ए सूची वाले कलाकार- सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और मोहम्मद जीशान अय्यूब ने अहम भूमिका निभाई है।

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