'दो लोग' चलाएंगे तमिलनाडु की सत्ता, शशिकला के हाथों में रहेगी चाभी?
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नौ महीने में तमिलनाडु के तीसरे मुख्यमंत्री ने गुरुवार को शपथ ले ली। इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे शशिकला के खास इके पलानिसामी जिन्हें एआईएडीएमके में चल रहे सत्ता संघर्ष का लाभ मिला।
आय से अधिक संपति मामले में दोषी पाए जाने के बाद जेल जाने से पहले शशिकला ने पनीरसेल्वम को मात देने के लिए दो ऐसे दांव चले जिससे सत्ता की चाभी भी उन्हीं के हाथ में रही और पार्टी पर भी उनकी कमान बनी रहेगी।
शशिकला के इस दांव से पनीरसेल्वम भी चित हुए और केंद्र की एनडीए सरकार को भी अपना रुख पलटने के लिए मजबूर कर दिया जो अभी तक पनीरसेल्वम पर दांव लगाने के लिए तैयार बैठी थी।
जयललिता की मौत के बाद मुख्यमंत्री बनाए गए पनीरसेल्वम को पद से हटाने के बाद से ही तमिलनाडु में पिछले दस दिनों से सत्ता संघर्ष चल रहा था। जिसमें कभी शशिकला पनीरसेल्वम पर तो कभी पनीरसेल्वम उन पर भारी पड़ते दिखाई दे रहे थे।
वफादार को बनाया सीएम, भतीजे को पार्टी उप महासचिव
इसी बीच आए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से ऐसा लगा मानों शशिकला का खेल खत्म हो गया है। कोर्ट ने उन्हें आय से अधिक संपति के मामले में चार साल जेल और 10 करोड़ जुर्माने की सजा सुनाई थी।
जिसके बाद साफ हो गया था कि शशिकला अगले छह सालों तक न कोई चुनाव लड़ सकेंगी और न फिलहाल मुख्यमंत्री बन पाएंगी। लेकिन जेल जाने से पहले एक दिन में ही शशिकला ने राजनीति की शतरंज पर इतनी तेजी से अपनी चालें चलीं की हर कोई हैरान रह गया।
पहली चाल के रूप में उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए इके पलानिसामी का नाम आगे कर दिया। इसे उनके पार्टी में उठ रहे विद्रोह के सुरों को थामने की कवायद के तौर पर भी देखा गया और पनीरेसल्वम को मात देने के रूप में भी।
इसी बीच शशिकला ने एक काम और किया छह साल पहले साजिश रचने के आरोप में पार्टी से निकाले गए अपने भतीजे टीवी दिनाकरन की चुपचाप पार्टी में वापसी भी करा दी। शशिकला जानती थी कि जेल जाने के बाद पार्टी पर उनकी पकड़ ढीली पड़ सकती है इसलिए उन्होंने भतीजे दिनाकरन को पार्टी में उप महासचिव की कुर्सी पर बैठाकर नंबर दो की हैसियत दे दी।
पनीरसेल्वम खेमे के चित होने के बाद हरकत में आई केंद्र सरकार
नतीजा ये हुआ कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर उनके वफादार पलानिसामी बैठे तो पार्टी की कमान उनके भतीजे दिनाकरन की हाथों में आ गई। इसके साथ ही यह भी तय हो गया कि पार्टी और सरकार दोनों की कमान शशिकला के हाथों में ही रहेगी और वो जेल में बैठकर ही सत्ता पर अपना कब्जा बनाए रखेंगी।
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री की शपथ लेने के साथ ही पलानिसामी ने घोषणा कर दी कि वो आज जेल में बंद शशिकला से मिलने जाएंगे।
शशिकला के इस दांव से जहां पनीरेसेल्वम खेमा पूरी तरह चित हो गया वहीं अब तक दिल्ली में बैठकर चुपचाप तमिलनाडु का खेल देख रही केंद्र सरकार भी तुरंत हरकत में आ गई।
पलानिसामी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक घंटे बाद ही प्रधानमंत्री मोदी ने फोन कर उन्हें बधाई दी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू भी चेन्नई में नई सरकार से रिश्ते बढ़ाने के लिए सक्रिय हो गए।