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तमिलनाडु विवादः 'राज्यपालों को कार्यकर्ताओं की तरह इस्तेमाल कर रही भाजपा', कांग्रेस अध्यक्ष का बड़ा आरोप
Wed, 11 Jan 2023 05:55 PM IST
नितिन गौतम
नई दिल्ली, अमर उजाला न्यूज डेस्क
नई दिल्ली, अमर उजाला न्यूज डेस्क
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 11 Jan 2023 05:55 PM IST
सार
तमिलनाडु विवादः खड़गे ने लिखा कि राज्यपालों को संवैधानिक ढांचे के तहत काम करना चाहिए और उन्हें विधानसभा का अपमान नहीं करना चाहिए, जिसका वह खुद हिस्सा हैं।
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मल्लिकार्जुन खड़गे।
- फोटो : Social Media
विस्तार
तमिलनाडु में डीएमके सरकार और राज्य के राज्यपाल आरएन रवि के बीच जारी खींचतान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा पर तगड़ा हमला बोला है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि भाजपा राज्यपालों को पार्टी कार्यकर्ताओं की तरह इस्तेमाल कर रही है। खड़गे का आरोप है कि कुछ राज्यपाल तो संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं और भारतीय राजनीति के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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कांग्रेस अध्यक्ष ने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि "भाजपा जानबूझकर राज्यपालों को कार्यकर्ता के रूप में इस्तेमाल कर राज्यपाल के संवैधानिक कार्यालय को बदनाम कर रही है। खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों में लोकतंत्र पर हमला कर रही है। खड़गे ने लिखा कि राज्यपालों को संवैधानिक ढांचे के तहत काम करना चाहिए और उन्हें विधानसभा का अपमान नहीं करना चाहिए, जिसका वह खुद हिस्सा हैं लेकिन दिल्ली के अपने आकाओं द्वारा सामाजिक और राजनैतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कि खतरनाक है"।
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बता दें कि हाल ही में तमिलनाडु में डीएमके सरकार और राज्य के राज्यपाल आरएन रवि के बीच खूब तनातनी देखने को मिली। दरअसल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्यपाल द्वारा सदन में अपने औपचारिक अभिभाषण से अलग बोलने पर, राज्यपाल के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था। इस पर दोनों पक्षों में तनातनी हुई और अभूतपूर्व तरीके से राज्यपाल आरएन रवि सदन छोड़कर चले गए।
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दरअसल मुख्यमंत्री स्टालिन चाहते थे कि सदन में राज्यपाल के अभिभाषण की केवल उन्हीं बातों को रिकॉर्ड में रखा जाए, जो कि उनकी तरफ से दी गईं थी। उनके अलावा जो राज्यपाल ने कहा उन्हें रिकॉर्ड से बाहर रखा जाए। इस बात से राज्यपाल इतना नाराज हुए कि वह सदन बीच में ही छोड़कर चले गए। जिसके चलते राज्यपाल को सदन के सदस्यों की हूटिंग का भी सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री का आरोप है कि राज्यपाल ने जो किया है वह सदन की परंपरा के खिलाफ है।