तमिलनाडु निकाय चुनाव: डीएमके की बड़ी जीत, पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के शहर ही नहीं वॉर्ड में भी हारी एआईएडीमके
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विस्तार
तमिलनाडु में 11 साल बाद हुए निकाय चुनाव में सत्ताधारी डीएमके को जबरदस्त जीत मिली है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी (ईपीएस) के गृह क्षेत्र सेलम में भी एआईएडीएमके को हार का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि जिस वार्ड में ईपीएस रहते हैं वहां भी डीएमके ने जीत दर्ज की है।
चेन्नई में भाजपा का भी खुला खाताग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन में भी डीएमके को अपने दम पर बहुमत मिल गया है। 200 वार्ड वाले ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन में भी डीएमके अब तक 146 पर जीत चुकी है। 16 पर एआईएडीएमके, 13 पर कांग्रेस को जीत मिली है। भाजपा भी एक वॉर्ड में जीतने में सफल रही है। चेन्नई भी इसी तरह वेल्लोर के 60 वार्ड में से 45 पर डीएमके गठबंधन को जीत मिली है। एआईएडीएमके महज सात वार्ड में जीत दर्ज कर सकी है।
19 फरवरी को हुआ था मतदान
19 फरवरी को हुए चुनाव में 60.70 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। जिन 21 निगमों में चुनाव हुआ उनमें चेन्नई में सबसे कम 43.59 फीसदी जबकि, सबसे ज्यादा 75.84 फीसदी मतदान करूर में हुआ था। 649 शहरी निकायों और 490 शहरी पंचायत, 138 नगरपालिका, 21 निगमों में 12 हजार 838 पदों के लिए ये चुनाव हुए थे। इन चुनावों में कुल 74,416 उम्मीदवार मैदान में थे। मंगलवार को नगर निकाय के चुनावों के नतीजे आए। 268 मतदान केंद्रों पर वोटों की गिनती हुई।
पिछली बार क्या रहे थे नतीजे
राज्य में स्थानीय निकाय के चुनाव पिछले एक दशक से नहीं हुए थे। इससे पहले 2011 में यहां स्थानीय निकाय के चुनाव हुए थे। उस वक्त एआईएडीएमके राज्य की सत्ता में थी। सत्ता में काबिज एआईएडीएमके ने निकाय चुनावों में बड़ी जीत हासिल की थी। उसे 39% से ज्यादा वोट मिले थे। वहीं, डीएमके को करीब 26 फीसदी वोट से संतोष करना पड़ा था।
वेल्लोर में ट्रांसजेंडर डीएमके उम्मीदवार को मिली जीत
वेल्लोर में डीएमके की उम्मीदवार गंगा नायक को जीत मिली है। गंगा ट्रांसजेंडर समुदाय से हैं। 49 साल की गंगा पिछले बीस साल से डीएमके से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने वेल्लोर के वार्ड नंबर 37 से जीत दर्ज की है। 20 साल से राजनीति में सक्रिय गंगा पहली बार कोई चुनाव लड़ रही थीं। गंगा के माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे। गंगा वेल्लोर में अपने सामाजिक कार्यों के कारण जानी जाती हैं। कोरोना महामारी के दौरान गंगा और उनके साथियों ने वेल्लोर और आसपास के जिलों में कई जागरुकता कार्यक्रम भी किए। डीएमके ही नहीं एआईएडीएमके और भाजपा ने भी ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को इन चुनावों में उतारा था। कुल 15 ट्रांसजेंडर इस बार चुनाव मैदान में थे।
मां-बेटा, पति-पत्नी भी विजेताओं में
मदुरई जिले में एक मां और उसके बेटे को दो अलग-अलग वार्ड में जीत मिली है। मदुरई जिले के सोधवंधन के वार्ड 13 से मां वल्लीमयिल और वार्ड आठ से उनके बेटे मां मरुथुपंडियन को जीत मिली थी। दोनों निर्दलीय चुनाव लड़े थे। अंगानल्लुर नगर पंचायत में डीएमके की जीएल रेणुका इस्वरी और उनके पति रा गोविंदाराज वार्ड चार और वार्ड पांच से जीते हैं। कांचीपुरम की कुंदरथुर नगर पालिका से बानू सथियमूर्ति और उनके पति को सथियमूर्ति को वार्ड 17 और वार्ड 18 से जीत मिली है। दोनों डीएमके उम्मीदवार थे।