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Tamil Nadu: 'तमिलनाडु में 24 घंटे में तीन अलग-अलग दलों के नेताओं की हत्या', विपक्ष का आरोप- राज्य में अराजकता
Mon, 29 Jul 2024 01:51 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 29 Jul 2024 01:51 PM IST
सार
एआईएडीएमके ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी डीएमके के लोग ही अराजकता फैला रहे हैं और सरकार के दबाव में पुलिस भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
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तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
तमिलनाडु में 24 घंटे से भी कम समय में तीन अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों की हत्या कर दी गई है। इसे लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरा है और आरोप लगाया है कि तमिलनाडु में अराजकता का माहौल है और सीएम एमके स्टालिन अक्षम हैं। एआईएडीएमके ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी डीएमके के लोग ही अराजकता फैला रहे हैं और सरकार के दबाव में पुलिस भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
'राज्य में अराजकता का माहौल'
एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यम ने एक बयान जारी कर कहा कि '24 घंटे से भी कम समय में तमिलनाडु में तीन राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की हत्या कर दी गई है। जिन लोगों की हत्याएं हुईं, उनमें से एक एआईएडीएमके के नेता, दूसरे भाजपा के नेता और तीसरे कांग्रेस के नेता थे। इससे साफ पता चलता है कि तमिलनाडु में अराजकता का माहौल है और सीएम एमके स्टालिन पूरी तरह से अक्षम साबित हो रहे हैं। राज्य में अराजकता फैलाने और कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाले लोग भी डीएमके के हैं। पुलिस भी सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि पार्टी हाईकमान ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई न की जाए।'
भाजपा ने इंडी गठबंधन को निशाने पर लिया
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 'तमिलनाडु में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। जुलाई की शुरुआत में दलित नेता बसपा के आर्मस्ट्रांग की निर्मम हत्या के बाद... पिछले तीन दिनों में हमने लगातार राजनीतिक हत्याएं देखी हैं - एक बीजेपी नेता की, एक एआईडीएमके नेता की और एक कांग्रेस नेता की। इससे पता चलता है कि कानून व्यवस्था एमके स्टालिन के नियंत्रण से बाहर है, लेकिन, राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी के पास इस पर कोई स्टैंड लेने का समय नहीं है। इस पर इंडी गठबंधन का कोई रुख नहीं है। यह उनके दोहरे एजेंडे, उनके दोहरे चेहरे और उनके लिए असुविधाजनक मुद्दे पर बोलने की उनकी कायरता को दर्शाता है।'
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भाजपा नेता डॉ तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा, 'तमिलनाडु में कानून और व्यवस्था खराब है। हर दिन हम राजनीतिक हत्याओं की खबरें देख सकते हैं। आज सुबह, हमने शिवगंगा में AIADMK के एक पदाधिकारी और एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की खबर देखी। उन्हें (राज्य सरकार को) कानून और व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना होगा। केवल अधिकारियों और कलेक्टरों को बदलना समाधान नहीं है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को नीति आयोग की बैठक में शामिल होना चाहिए था। जब वे ऐसी बैठक का बहिष्कार करते हैं तो वे तमिलनाडु के विकास का बहिष्कार करते हैं।'
डीएमके सरकार के समर्थन में उतरी कांग्रेस
तमिलनाडु में तीन स्थानीय नेताओं की हत्या पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, 'तमिलनाडु में यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हम सभी जानते हैं कि राजनीतिक नेता अलग-अलग पार्टियों से थे। हर मामले में बहुत अंतर है। यह राजनीतिक हत्या नहीं है, यह वित्तीय मुद्दों और अन्य मुद्दों और किसी और के साथ व्यक्तिगत दुश्मनी की घटनाएं है। इसलिए, हम सभी हत्याओं को एक रंग में नहीं रंग सकते। प्रत्येक मामले का एक अलग कोण है और तमिलनाडु पुलिस को उन मुद्दों को सुलझाना चाहिए। उम्मीद है कि स्थिति में सुधार होगा क्योंकि पिछले 2-3 महीनों में राजनीतिक लोगों की लगभग 6 हत्याएं हुई हैं। हमें उम्मीद है कि तमिलनाडु पुलिस असली अपराधियों को खोजने के लिए सही कदम उठाएगी।'
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि 'तमिलनाडु में कोई भी हत्या राजनीतिक वजह से नहीं हुई है। ये सब निजी झगड़ों में हुई हत्याएं हैं। ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि आवारा किस्म के लोग राजनीति में आ रहे हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भी 261 ऐसे लोगों की सूची जारी की थी, जिन्होंने भाजपा की सदस्या ली थी। शिवगंगा में भी जो हत्या हुई है, वह निजी दुश्मनी में हुई है।'
विभिन्न पार्टियों के नेताओं की अलग-अलग घटनाओं में हुई हत्या
तमिलनाडु के शिवगंगा इलाके में शनिवार रात को एक भाजपा नेता की बेरहमी से हत्या कर दी गई। जिस नेता की हत्या की गई, वह शिवगंगा के भाजपा जिला सचिव थे। भाजपा नेता जब अपने ईंट के भट्ठे से घर लौट रहे थे, तभी उन पर कुछ हथियारबंद लोगों ने हमला किया। इस घटना की निंदा करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा कि 'असामाजिक तत्वों को सरकार या पुलिस का कोई डर नहीं हैं। पुलिस सीएम के नियंत्रण में है और वही ये सब राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं।'
एक अलग घटना में कुड्डालोर इलाके में एआईएडीएमके के कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। पीड़ित की पहचान पद्मनाभन के रूप में हुई है। एआईएडीएमके नेता पर कुछ हथियारबंद लोगों ने हमला किया और पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी।
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'राज्य में अराजकता का माहौल'
एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यम ने एक बयान जारी कर कहा कि '24 घंटे से भी कम समय में तमिलनाडु में तीन राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की हत्या कर दी गई है। जिन लोगों की हत्याएं हुईं, उनमें से एक एआईएडीएमके के नेता, दूसरे भाजपा के नेता और तीसरे कांग्रेस के नेता थे। इससे साफ पता चलता है कि तमिलनाडु में अराजकता का माहौल है और सीएम एमके स्टालिन पूरी तरह से अक्षम साबित हो रहे हैं। राज्य में अराजकता फैलाने और कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाले लोग भी डीएमके के हैं। पुलिस भी सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि पार्टी हाईकमान ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई न की जाए।'
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भाजपा ने इंडी गठबंधन को निशाने पर लिया
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 'तमिलनाडु में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। जुलाई की शुरुआत में दलित नेता बसपा के आर्मस्ट्रांग की निर्मम हत्या के बाद... पिछले तीन दिनों में हमने लगातार राजनीतिक हत्याएं देखी हैं - एक बीजेपी नेता की, एक एआईडीएमके नेता की और एक कांग्रेस नेता की। इससे पता चलता है कि कानून व्यवस्था एमके स्टालिन के नियंत्रण से बाहर है, लेकिन, राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी के पास इस पर कोई स्टैंड लेने का समय नहीं है। इस पर इंडी गठबंधन का कोई रुख नहीं है। यह उनके दोहरे एजेंडे, उनके दोहरे चेहरे और उनके लिए असुविधाजनक मुद्दे पर बोलने की उनकी कायरता को दर्शाता है।'
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भाजपा नेता डॉ तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा, 'तमिलनाडु में कानून और व्यवस्था खराब है। हर दिन हम राजनीतिक हत्याओं की खबरें देख सकते हैं। आज सुबह, हमने शिवगंगा में AIADMK के एक पदाधिकारी और एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की खबर देखी। उन्हें (राज्य सरकार को) कानून और व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना होगा। केवल अधिकारियों और कलेक्टरों को बदलना समाधान नहीं है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को नीति आयोग की बैठक में शामिल होना चाहिए था। जब वे ऐसी बैठक का बहिष्कार करते हैं तो वे तमिलनाडु के विकास का बहिष्कार करते हैं।'
#WATCH | Delhi: BJP national spokesperson Shehzad Poonawalla says, "Law & order situation in Tamil Nadu is going from bad to worse. After the brutal hacking of BSP leader K Armstrong, a dalit leader that took place at the beginning of July... In the last three days, we have seen… pic.twitter.com/LN5BYlcM21
— ANI (@ANI) July 29, 2024
डीएमके सरकार के समर्थन में उतरी कांग्रेस
तमिलनाडु में तीन स्थानीय नेताओं की हत्या पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, 'तमिलनाडु में यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हम सभी जानते हैं कि राजनीतिक नेता अलग-अलग पार्टियों से थे। हर मामले में बहुत अंतर है। यह राजनीतिक हत्या नहीं है, यह वित्तीय मुद्दों और अन्य मुद्दों और किसी और के साथ व्यक्तिगत दुश्मनी की घटनाएं है। इसलिए, हम सभी हत्याओं को एक रंग में नहीं रंग सकते। प्रत्येक मामले का एक अलग कोण है और तमिलनाडु पुलिस को उन मुद्दों को सुलझाना चाहिए। उम्मीद है कि स्थिति में सुधार होगा क्योंकि पिछले 2-3 महीनों में राजनीतिक लोगों की लगभग 6 हत्याएं हुई हैं। हमें उम्मीद है कि तमिलनाडु पुलिस असली अपराधियों को खोजने के लिए सही कदम उठाएगी।'
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि 'तमिलनाडु में कोई भी हत्या राजनीतिक वजह से नहीं हुई है। ये सब निजी झगड़ों में हुई हत्याएं हैं। ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि आवारा किस्म के लोग राजनीति में आ रहे हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भी 261 ऐसे लोगों की सूची जारी की थी, जिन्होंने भाजपा की सदस्या ली थी। शिवगंगा में भी जो हत्या हुई है, वह निजी दुश्मनी में हुई है।'
विभिन्न पार्टियों के नेताओं की अलग-अलग घटनाओं में हुई हत्या
तमिलनाडु के शिवगंगा इलाके में शनिवार रात को एक भाजपा नेता की बेरहमी से हत्या कर दी गई। जिस नेता की हत्या की गई, वह शिवगंगा के भाजपा जिला सचिव थे। भाजपा नेता जब अपने ईंट के भट्ठे से घर लौट रहे थे, तभी उन पर कुछ हथियारबंद लोगों ने हमला किया। इस घटना की निंदा करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा कि 'असामाजिक तत्वों को सरकार या पुलिस का कोई डर नहीं हैं। पुलिस सीएम के नियंत्रण में है और वही ये सब राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं।'
एक अलग घटना में कुड्डालोर इलाके में एआईएडीएमके के कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। पीड़ित की पहचान पद्मनाभन के रूप में हुई है। एआईएडीएमके नेता पर कुछ हथियारबंद लोगों ने हमला किया और पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी।