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तमिलनाडु: सीएम विजय ने अपने हाथ से नवजातों को पहनाई अंगूठी, कैसे और कौन ले सकता है सरकार की इस योजना का लाभ?

Mon, 28 Sep 2026 01:33 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Mon, 28 Sep 2026 01:33 PM IST
सार

तमिलनाडु सरकार ने नवजात बच्चों के लिए ‘थाईमामन स्वर्ण अंगूठी योजना’ शुरू की है। इसके तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र बच्चों को 22 कैरेट की एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। योजना पर 755.83 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कौन ले सकेगा? 

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Tamil Nadu Scheme gift gold rings newborns launches today who is eligible and what the conditions are.
तमिलनाडु सरकार का बड़ा तोहफा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को नवजात शिशुओं के लिए 22-कैरेट एक-ग्राम सोने की अंगूठी की योजना शुरू की। इस योजन का नाम 'मातृ-मामा स्वर्ण अंगूठी योजना' (थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम) है। जो चुनाव के दौरान किए गए वादों में से एक है। 
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योजना पर कितने रुपये खर्च हो रहे? 
बता दें कि यहां सरकारी राजाजी अस्पताल में इस योजना की शुरुआत करते हुए, विजय ने कुछ देर तक बच्चों को अपनी गोद में लिया और सोने की अंगूठियां भेंट कीं। सरकार ने इस योजना के लिए 755.83 करोड़ रुपये तय किए हैं।
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इस योजना का मकसद क्या है? 
इस पहल का मकसद मातृत्व का सम्मान करना, महिलाओं की सेहत को बढ़ावा देना और ज्यादा परिवारों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की ओर आकर्षित करके अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित करना है।इसके साथ ही मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस ने शहर में एयरपोर्ट से लेकर सुरक्षा के पांच-स्तरीय इंतजाम किए हैं।
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राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों और उनकी स्थानीय माताओं के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआती शुरुआत के मकसद से पहले ही 1.28 लाख सोने की अंगूठियां खरीद ली हैं।
यह योजना 22 जून, 2026 को या उसके बाद पैदा होने वाले पात्र बच्चों पर लागू होती है।

योजना का लाभ लेने के लिए क्या जरूरी?
योजना का लाभ लेने के लिए नवजात की मां का तमिलनाडु की स्थायी निवासी होना जरूरी है। लाभार्थी का प्रेग्नेंसी एंड इन्फैंट कोहोर्ट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन (पीआईसीएमई) सिस्टम में पंजीकरण और रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) आईडी होना भी जरूरी है।

सरकार के मुताबिक, पात्र नवजात को अस्पताल से छुट्टी मिलने के समय सोने की अंगूठी दी जाएगी। हर छल्ले पर अलग सीरियल नंबर होगा और इन्हें छेड़छाड़ से सुरक्षित पैकेजिंग में वितरित किया जाएगा।

तमिलनाडु में हर साल होता है कितने बच्चों का जन्म?
सरकार के मुताबिक, तमिलनाडु में हर साल करीब 7.80 लाख बच्चों का जन्म होता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 6 के अनुसार, राज्य में करीब 99.9 प्रतिशत प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में होते हैं। इनमें लगभग 4.20 लाख यानी 53 प्रतिशत प्रसव सरकारी अस्पतालों में होते हैं।

सरकारी अस्पतालों में होने वाले संस्थागत प्रसव में करीब 90 प्रतिशत प्रसव व्यापक आपातकालीन प्रसूति और नवजात देखभाल केंद्रों में होते हैं। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का भरोसा बढ़ाने के साथ अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव को प्रोत्साहित करना भी है।


किस कंपनी को मिला अंगूठियां बनाने का टेंडर?
योजना की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में संबंधित जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की गई है। यह समिति स्थानीय स्तर पर योजना के क्रियान्वयन, अंगूठियों के स्टॉक और वितरण में पारदर्शिता की निगरानी करेगी। एक ग्राम के सोने की अंगूठियों की आपूर्ति के लिए जॉयलुक्कास और कल्याण ज्वेलर्स को काम के आदेश दिए गए हैं। योजना से संबंधित सरकारी आदेश 23 जून 2026 को जारी किया गया था।

 
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