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एसआईआर पर महाराष्ट्र में कांग्रेस का हल्लाबोल: सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; आखिर विवाद क्यों?
Mon, 28 Sep 2026 03:28 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 28 Sep 2026 03:28 PM IST
सार
महाराष्ट्र कांग्रेस ने एसआईआर में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग के कामकाज में पक्षपात के आरोप लगाते हुए राज्यभर में प्रदर्शन किया। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पुणे, नागपुर और कोल्हापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं। कोल्हापुर में कांग्रेस ने इस्तीफे के साथ ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग भी की।
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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर छिड़ा सियासी घमासान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
विस्तार
महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोमवार को राज्यभर में प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में अनियमितताएं हुई हैं और चुनाव आयोग का कामकाज पक्षपातपूर्ण रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सीईसी और चुनाव आयोग सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम कर रहे हैं।
पुणे में कांग्रेस ने क्या किया?
पुणे में कांग्रेस की जिला इकाई ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने डिप्टी कलेक्टर ज्योति कदम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में पुणे शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत जगताप और वरिष्ठ नेता मनोज जोशी भी शामिल हुए।
नागपुर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए?
नागपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान चौक पर प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भाजपा की ओर से काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर हमला बताया। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव याज्ञवल्क्य जिचकर ने भी कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
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कोल्हापुर में कांग्रेस की क्या मांग रही?
कोल्हापुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। यहां प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की। प्रदर्शन में पूर्व विधायक राजू आवले, शहर अध्यक्ष प्रवीण केसरकर, विपक्ष के नेता राजेश लाटकर और समूह नेता इंद्रजीत बोंद्रे समेत अन्य नेता शामिल हुए।
यह भी पढ़ें: टीएमसी विवाद: सुप्रीम कोर्ट का फैसला, ममता और ऋतब्रत के गुटों को चार हफ्ते की मोहलत; चुनाव आयोग को कितना वक्त?
चुनाव आयोग को लेकर विवाद कैसे बढ़ा?
विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग और सीईसी पर सवाल उस समय और तेज हुए, जब इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कई मौकों पर आपत्ति जताई थी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने सत्तारूढ़ व्यवस्था के पक्ष में एकतरफा फैसले लिए।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों की ओर से एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताए जाने का दावा किया गया। विपक्षी दलों ने इन घटनाक्रमों के आधार पर ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया है।
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पुणे में कांग्रेस ने क्या किया?
पुणे में कांग्रेस की जिला इकाई ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने डिप्टी कलेक्टर ज्योति कदम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में पुणे शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत जगताप और वरिष्ठ नेता मनोज जोशी भी शामिल हुए।
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नागपुर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए?
नागपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान चौक पर प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भाजपा की ओर से काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर हमला बताया। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव याज्ञवल्क्य जिचकर ने भी कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
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कोल्हापुर में कांग्रेस की क्या मांग रही?
कोल्हापुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। यहां प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की। प्रदर्शन में पूर्व विधायक राजू आवले, शहर अध्यक्ष प्रवीण केसरकर, विपक्ष के नेता राजेश लाटकर और समूह नेता इंद्रजीत बोंद्रे समेत अन्य नेता शामिल हुए।
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चुनाव आयोग को लेकर विवाद कैसे बढ़ा?
विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग और सीईसी पर सवाल उस समय और तेज हुए, जब इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कई मौकों पर आपत्ति जताई थी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने सत्तारूढ़ व्यवस्था के पक्ष में एकतरफा फैसले लिए।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों की ओर से एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताए जाने का दावा किया गया। विपक्षी दलों ने इन घटनाक्रमों के आधार पर ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया है।