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AIADMK की कोशिशों को झटका: सीएम स्टालिन ने थिरुमावलवन को भाई बताया, वीसीके प्रमुख बोले- DMK के साथ ही रहेंगे
Mon, 18 Nov 2024 03:09 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Mon, 18 Nov 2024 03:09 AM IST
सार
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए अभी 16 महीने का समय बाकी है। ऐसे में पार्टियों ने अभी से अपना गुणा-गणित लगाना शुरू कर दिया है। विपक्षी खेमा एआईडीएमके सत्तारूढ़ दल डीएमके के खिलाफ छोटे दलों को एकजुट करने का प्रयास कर रहा है।
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सीएम एमके स्टालिन, थोल थिरुमावलवन और ई पलानीस्वामी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 में कराए जाएंगे। अभी चुनाव में 16 महीने से अधिक समय बाकी हैं, लेकिन प्रदेश विधानसभा में विपक्षी पार्टी-एआईडीएमके, सत्ताधारी दल- डीएमके के खिलाफ छोटे दलों को एकजुट करने के प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में एआईएडीएमके की तरफ से विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) को भी अपने खेमे में करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन कह चुके हैं कि उनकी पार्टी डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बनी रहेगी।
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तमिलनाडु की राजनीतिक चौसर पर आजमाए जा रहे तमाम दांव-पेंच के बीच ताजा घटनाक्रम में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा, वह विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) प्रमुख थोल तिरुमावलवन की भावनाओं और विचारों को अच्छी तरह से समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तिरुमावलवन ने हमेशा उनके प्रति सच्चा प्यार और स्नेह दिखाया है और वह उनके काम से अवगत हैं।
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मुख्यमंत्री स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में बताया कि तिरुमावलवन ने 15 नवंबर को उनसे मुलाकात की थी और अरियालुर जिले (जयमकोंडम) में एक एसआईपीसीओटी औद्योगिक पार्क स्थापित करने के उनके अनुरोध को एक साल के भीतर पूरा करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
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यद्यपि मुख्यमंत्री ने थिरुमावलवन के संबंध में जो उल्लेख किया है, वह केवल परियोजना के लिए है, लेकिन वीसीके द्वारा सत्ता में हिस्सेदारी के अपने दीर्घकालिक वैचारिक बिंदु को दोहराने के हालिया रुख के मद्देनजर यह महत्वपूर्ण हो जाता है।
संभावित सहयोगियों को आकर्षित करने का प्रयास कर रही अन्नाद्रमुक
इसके अलावा, अभिनेता विजय के नए राजनीतिक संगठन तमिझागा वेत्री कज़गम द्वारा सत्ता में हिस्सेदारी का आश्वासन और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले संभावित सहयोगियों को आकर्षित करने के अन्नाद्रमुक के प्रयासों जैसे कारण सीएम की इस टिप्पणी को और अधिक महत्व देते हैं कि वह 'प्रिय भाई तिरुमावलवन के दिल को जानते हैं।'
अभिनेता विजय ने तमिझागा वेत्री कज़गम (तमिलनाडु विक्ट्री फेडरेशन) नामक एक नई पार्टी लॉन्च की, वह 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। 27 अक्तूबर 2024 को विक्रवंडी में पहला राज्य सम्मेलन भी आयोजित किया गया।
द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बनी रहेगी वीसीके
इस बीच, तिरुमावलवन ने रविवार को पुडुचेरी में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन शासन 1977 से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बार-बार कह चुकी है कि तमिलनाडु में भी ऐसा व्यवस्था जरूरी है। हालांकि, अभी 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह समय इसके लिए उपयुक्त नहीं है। सभी दलों ने इस मांग के बारे में बात करना शुरू कर दिया है, यह केवल प्रारंभिक चरण है। वीसीके प्रमुख तिरुमावलवन ने यह भी साफ किया कि उनकी पार्टी द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बनी रहेगी।
क्या हैं तमिलनाडु विधानसभा के समीकरण
गौरतलब है कि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें जीतनी पड़ती हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके नेता और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में एसपीए गठबंधन ने 159 सीटों पर जीत हासिल की। अकेले डीएमके को 133 सीटें मिली थीं। दूसरी तरफ एआईएडीएमके की अगुवाई वाले विपक्षी गठबंधन को महज 62 सीटों से संतोष करना पड़ा। वोट प्रतिशत की बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन को 33.29 फीसदी वोट मिले, जबकि सत्ताधारी गठबंधन सेकुलर प्रोग्रेसिव एलाइंस (एसपीए) को 45.38 प्रतिशत वोट मिले थे। पलानीस्वामी वाले गठबंधन को 70 सीटों का नुकसान हुआ था।