फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Tamil Nadu Politics Annamalai BJP Chief Nitin Naveen Meeting in Delhi Former IPS Officer in Delhi amid Dissent

Tamil Nadu: भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर अन्नामलाई ने सौंपा इस्तीफा, अमित शाह से की मुलाकात

Tue, 02 Jun 2026 04:47 PM IST
Jyoti Bhaskar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Jyoti Bhaskar Updated Tue, 02 Jun 2026 04:47 PM IST
सार

तमिलनाडु भाजपा के नेता के अन्नामलाई ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने दिल्ली पहुंचकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। जानिए पूरा मामला..

विज्ञापन
Tamil Nadu Politics Annamalai BJP Chief Nitin Naveen Meeting in Delhi Former IPS Officer in Delhi amid Dissent
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई - फोटो : ANI

विस्तार

दक्षिण भारत की सियासत एक बार फिर सुर्खियों में है। तमिलनाडु में चुनाव के बाद टीवीके प्रमुख विजय के नेतृत्व में नई सरकार बन चुकी है। इसी बीच तमिलनाडु भाजपा के बड़े नेता के अन्नामलाई दिल्ली पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफा देने के बाद अन्नामलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें अपनी बातों से अवगत कराया।

विज्ञापन


राजनीतिक गलियारों में अन्नामलाई के इस्तीफे को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही थी। पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई और पार्टी के बीच कुछ मनभेद की खबरें भी सामने आ रही थीं। सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई अगले हफ्ते से अपने एक नए राजनीतिक सफर की शुरुआत कर सकते हैं। वे जब चेन्नई से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे, तभी से यह तय माना जा रहा था कि वे अपना इस्तीफा साथ लेकर जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अन्नामलाई के कथित मनभेद से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें-


अन्नामलाई के करीबी सूत्र ने नई सियासी पारी की पुष्टि कर क्या कहा?
अन्नामलाई के इस फैसले के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की 'तीन भाषा नीति' का सार्वजनिक रूप से विरोध किया था। इससे यह संकेत मिल रहे थे कि वे अपनी राह अलग कर सकते हैं। सोमवार को उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उनकी नई पार्टी 'मक्कल शक्ति अय्यकम' (जनशक्ति आंदोलन) के झंडे और डिजाइन भी साझा किए हैं। उनके करीबी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि नई सियासी पारी के लिए सब कुछ तय हो चुका है।

क्या राजनीति में अनदेखी से खफा हुए पूर्व IPS अफसर?
राजनीति में अन्नामलाई की नाराजगी की एक वजह अनदेखी भी मानी जा रही है। अन्नाद्रमुक महासचिव ईके पलानीस्वामी और अन्नामलाई एक ही क्षेत्र कोंबुनाडु और समान गाउंडर समुदाय से आते हैं। यह समुदाय अन्नाद्रमुक का समर्थक रहा है, मगर लोकसभा चुनाव में इसकी निकटता भाजपा से बढ़ी। तब अन्नामलाई भले ही कोयंबटूर सीट पर दूसरे स्थान पर रहे, मगर अन्नाद्रमुक को चौथे स्थान पर धकेल दिया। ऐसे में सतर्कता बरतते हुए अन्नाद्रमुक ने इस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव में अन्नामलाई की सिंगानल्लूद सीट समेत एक भी सीट भाजपा को नहीं दी। इसके विरोध में अन्नामलाई ने विधानसभा चुनाव से दूरी बना ली। सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई अपनी नई सियासी पारी में टीवीके की तरह युवाओं को जोड़ना चाहते हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed