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Tamil Nadu: तमिलनाडु में दलित छात्र और उसकी बहन पर हमला, छह नाबालिगों को पकड़ा, सीएम ने जताई चिंता
Sat, 12 Aug 2023 11:31 PM IST
गुलाम अहमद
एएनआई, तिरुनेलवेली
एएनआई, तिरुनेलवेली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sat, 12 Aug 2023 11:31 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala Digital
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तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में एक दलित किशोर और उसकी छोटी बहन पर हंसिया से हमला किया गया। इस घटना के विरोध में सड़क जाम करने के दौरान पीड़ित के एक रिश्तेदार की हृदय गति रुकने से मौत हो गई जिससे तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने दलित छात्र पर हमले के मामले में शुक्रवार को छह नाबालिग लड़कों को पकड़ा।
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नेल्लई जिले के वल्लियूर स्थित कॉनकॉर्डिया गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 17 वर्षीय पीड़ित और उसकी 14 वर्षीय बहन पर उसी स्कूल के लड़कों के एक समूह ने अपने साथियों के साथ हमला किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तीन नाबालिग स्कूल के छात्र हैं, जबकि अन्य तीन उनके साथी हैं। सिगरेट खरीदकर लाने से मना करने पर आरोपियों ने पीड़ित से मारपीट की थी।
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बहन ने इसकी जानकारी माता-पिता को देने के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया। घटना की शिकायत स्कूल प्रबंधन से किए जाने से नाराज आरोपियों ने रात करीब साढ़े दस बजे पीड़ित के घर में घुसकर हंसिया से हमला किया। भाई को बचाने में बहन भी घायल हो गई। पुलिस ने इस मामले में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और हत्या के प्रयास के आरोप में मामला दर्ज किया है।
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मुख्यमंत्री स्टालिन ने जताई चिंता
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने युवाओं में फैल रही 'जातिवादी नफरत' पर चिंता व्यक्त की। सीएम स्टालिन ने कहा कि यह घटना भयभीत करने वाली है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि इससे पता चलता है कि युवा छात्रों में जातिवाद का जहर कितना घर कर गया है। जाति के कारण ऐसी हिंसा देखना असहनीय है। सीएम स्टालिन ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। लेकिन छात्रों को अच्छे सामाजिक व्यवहार और संबंधों की आवश्यकता सिखाना सभी का कर्तव्य है और शिक्षक समुदाय को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा, समाज में नफरत और भेदभाव की कोई भावना नहीं होनी चाहिए।
साथ ही सीएम स्टालिन ने स्कूल और कॉलेज के छात्रों के बीच जातिवाद से मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के तरीकों पर सिफारिशें देने के लिए सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति के चंद्रू की एक सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की है। सीएम ने एक बयान में कहा, यह पैनल शिक्षाविदों, अभिभावकों, पत्रकारों और विद्वानों सहित विभिन्न हितधारकों की राय लेगा और उसके आधार पर सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगा।
विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला
वहीं, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक के महासचिव और विपक्ष के नेता के. पलानीस्वामी ने घटना पर चिंता जताते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ द्रमुक पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी जनविरोधी द्रमुक सत्ता में थी, जातिगत संघर्ष बढ़ जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में गांजा जैसे नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं और युवा इसके शिकार हो रहे हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि इस समस्या को सख्ती से कुचलने की बार-बार अपील के बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है, जिस कारण युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं। पूर्व सीएम पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार ने अपराध पर रोकथाम में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने मांग की कि छात्रों को नैतिक शिक्षा दी जाए और नशीली दवाओं के खतरे को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कार्रवाई के लिए खुली छूट दी जाए।