{"_id":"5e1e85478ebc3e4b350bb050","slug":"tamil-nadu-jallikattu-event-begins-at-avaniyapuram-in-madurai","type":"story","status":"publish","title_hn":"तमिलनाडु: जलीकट्टू प्रतियोगिता में भाग ले रहे 31 प्रतिभागी घायल, छह को अस्पताल में भर्ती कराया गया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तमिलनाडु: जलीकट्टू प्रतियोगिता में भाग ले रहे 31 प्रतिभागी घायल, छह को अस्पताल में भर्ती कराया गया
Wed, 15 Jan 2020 09:35 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 15 Jan 2020 09:35 AM IST
विज्ञापन
जलीकट्टू प्रतियोगिता
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमिलनाडु के मदुरै में साल के पहला जलीकट्टू प्रतियोगिता शुरु हो चुकी है। 15 जनवरी से 31 जनवरी तक जलीकट्टू प्रतियोगिताएं आयोजित है। अवनियापुरम में 730 बैल, अलंगानल्लूर में 700 बैल और पलामेडु में 650 बैल इस साल जलीकट्टू प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं, इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे 31 प्रतिभागी घायल हो गए हैं। घायलों में से छह लोगों को मदुरै के राजाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मदुरै के सहायक निदेशक ने डॉक्टर विनोद ने इस बात की जानकारी दी है।
विज्ञापन
Dr. Vinod, Madurai Assistant Director: 31 participants injured during #Jallikattu competitions in Madurai's Avaniyapuram. 6 people admitted to Rajaji Hospital in Madurai for treatment. #TamilNadu pic.twitter.com/Ly9aWlpPWc
— ANI (@ANI) January 15, 2020
विज्ञापन
इससे पहले यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि हम यहां सालों से जलीकट्टू प्रतियोगिताएं देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे तमिलनाडु के इस पारंपरिक खेल को देखने के लिए दुनिया भर से आने वाले लोगों के स्वागत के लिए तैयार है।
अवनियापुरम में रहने वाले एन रसाथी जिन्होंने 2017 में हुए जलीकट्टू पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में आयोजित प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। उन्होंने बताया कि सभी घरों में ज्यादा मात्रा में खाना बनाया जा रहा है ताकि आने वाले मेहमान भूखे ना रह जाएं।
रसाथी ने कहा कि हम आने वाले लोगों को अपने घरों में ही ठहराएंगे ताकि वे इस पारंपरिक खेल को और करीब से देख सकें। वहीं, अन्य निवासी अखाड़े में नारियल फैलाने और वाडीवासल में सफेद और लाल रंग के नारियल के स्टंप की मरम्मत करने में व्यस्त थे जो बैलों के आने का प्रवेश बिंदु।
मंगलवार शाम, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने इस आयोजन की व्यवस्था की समीक्षा की। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ द्वारा नियुक्त किए गए सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश सी मणीकम ने मुदरै में कार्यस्थल का दौरा किया, जहां जलीकट्टू कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम के संबंध में की गई व्यवस्थाओं की जांच की।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने कहा कि हमने खिलाड़ियों को 75 के एक बैच में विभाजित किया है, 60 बैलों को एक-एक करके एक के बाद एक छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
मणीकम ने बताया कि जिला अधिकारी के साथ यहां के स्थानीय नेता ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। साथ ही घायल खिलाड़ियों के तुरंत चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए 21 एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।