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Tamil Nadu: सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने पूरी की मैराथन सर्जरी, कटे हाथ को जोड़कर महिला को दिया नया जीवन
Mon, 23 Dec 2024 06:21 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 23 Dec 2024 06:21 PM IST
सार
महिला को 20 दिसंबर को सरकारी रोयापेट्टा अस्पताल से राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। उन्हें वैस्क्यूलर सर्जन की राय के लिए भेजा गया था। इमरजेंसी वार्ड में प्लास्टिक सर्जनों ने उनकी जांच की।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तमिलनाडु में चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी जनरल असपताल में डॉक्टरों की एक टीम ने मैराथन सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। साधारण भाषा में कहा जाए तो डॉक्टरों की एक टीम ने असंभव सर्जरी को संभव कर दिखाया। उन्होंने एक महिला के कटे हुए बाएं हाथ को जोड़कर उसे एक नया जीवन दिया। उनका दाहिना हाथ भी आंशिक रूप से कट गया था। महिला पर उनके बेटे ने हमला किया था। डॉक्टरों की टीम ने न केवल महिला के हाथ को जोड़ दिया बल्कि रक्त वाहिकाओं और नसों को भी ठीक किया।
विशेषज्ञों की राय के बाद सर्जरी को दिया गया अंजाम
महिला को 20 दिसंबर को सरकारी रोयापेट्टा अस्पताल से राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। उन्हें वैस्क्यूलर सर्जन की राय के लिए भेजा गया था। इमरजेंसी वार्ड में प्लास्टिक सर्जनों ने उनकी जांच की। सर्जरी से पहले अन्य विशेषज्ञों की राय ली गई। 23 डॉकटरों की एक टीम ने इस सर्जरी को अंजाम दिया। इस टीम में तीन प्लास्टिक सर्जन, दो एनेस्थेटिस्ट, और ऑर्थोपेडिक्स, और 13 जूनियर डॉक्टर शामिल थे। इस टीम ने आठ घंटे तक सर्जरी की और महिला के हाथ को सफलतापूर्वक जोड़ दिया।
मुफ्त में किया गया महिला का ऑपरेशन
इस सर्जरी की कीमत 10 लाख रुपये बताई जा रही है, लेकिन महिला का ऑपरेशन मुफ्त में किया गया। हथेली के आगे और पीछे के टेंडन घायल हो चुके थे। डॉक्टरों ने बताया कि महिला की कलाई टूट गई थी। उनकी प्रमुख नसें और एक प्रमुख रक्त वाहिकाएं अलग हो चुकी थी और दाहिणी बांह की दोनों हड्डियों में फ्रैक्चर था। सरकारी अस्पताल के डीन ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी करने अलावा घायल टेंडन, रक्त वाहिकाओं और नसों को भी ठीक किया। उन्होंने आगे कहा कि मरीज फिलहाल प्लास्टिक सर्जरी विभाग की निगरानी में है और स्थिर है।
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विशेषज्ञों की राय के बाद सर्जरी को दिया गया अंजाम
महिला को 20 दिसंबर को सरकारी रोयापेट्टा अस्पताल से राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। उन्हें वैस्क्यूलर सर्जन की राय के लिए भेजा गया था। इमरजेंसी वार्ड में प्लास्टिक सर्जनों ने उनकी जांच की। सर्जरी से पहले अन्य विशेषज्ञों की राय ली गई। 23 डॉकटरों की एक टीम ने इस सर्जरी को अंजाम दिया। इस टीम में तीन प्लास्टिक सर्जन, दो एनेस्थेटिस्ट, और ऑर्थोपेडिक्स, और 13 जूनियर डॉक्टर शामिल थे। इस टीम ने आठ घंटे तक सर्जरी की और महिला के हाथ को सफलतापूर्वक जोड़ दिया।
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मुफ्त में किया गया महिला का ऑपरेशन
इस सर्जरी की कीमत 10 लाख रुपये बताई जा रही है, लेकिन महिला का ऑपरेशन मुफ्त में किया गया। हथेली के आगे और पीछे के टेंडन घायल हो चुके थे। डॉक्टरों ने बताया कि महिला की कलाई टूट गई थी। उनकी प्रमुख नसें और एक प्रमुख रक्त वाहिकाएं अलग हो चुकी थी और दाहिणी बांह की दोनों हड्डियों में फ्रैक्चर था। सरकारी अस्पताल के डीन ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी करने अलावा घायल टेंडन, रक्त वाहिकाओं और नसों को भी ठीक किया। उन्होंने आगे कहा कि मरीज फिलहाल प्लास्टिक सर्जरी विभाग की निगरानी में है और स्थिर है।
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