Tamil Nadu: पूर्व राज्य मंत्री एसपी वेलुमणि के आवास पर विजिलेंस का छापा, विरोध करने पर सात विधायक हिरासत में
तमिलनाडु के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और अन्नाद्रमुक पार्टी के नेता सी. विजयभाष्कर से जुड़े 13 ठिकानों पर विजलेंस की टीम ने छापा मारा है।
विस्तार
सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) के अधिकारियों ने कथित अनियमितताओं के दो अलग-अलग मामलों में अन्नाद्रमुक के दो पूर्व मंत्रियों के परिसरों पर कई शहरों में तलाशी ली। वहीं, इस कार्रवाई पर अन्नाद्रमुक के अंतरिम प्रमुख के पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि पिछले सप्ताह लागू हुए संशोधित बिजली दरों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सत्ताधारी द्रमुक की ओर तलाशी अभियान चलाया गया।
तमिलनाडु के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और अन्नाद्रमुक पार्टी के नेता सी. विजयभाष्कर से जुड़े 13 ठिकानों पर विजलेंस की टीम ने छापा मारा है। जानकारी के मुताबिक, विजलेंस के अधिकारी चेन्नई, सलेम और पूर्व मंत्री से जुड़े अन्य ठिकानों पर पहुंचे हैं। सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय के मुताबिक, यह छापेमारी 2020 में अनिवार्यता प्रमाण पत्र जारी करने में अनियमितताओं के भ्रष्टाचार मामले में की गई है। डीवीएसी ने बताया कि 18.37 लाख रुपये नकद और 1,872 ग्राम सोने के गहनों को बरामद किया गया है। इस मामले में सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और विधायक डॉ सी विजयभास्कर और 6 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इस बीच AIADMK सांसद सणमुगम पूर्व मंत्री सी विजयभाष्कर के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा, विजिलेंस के ये छापे राजनीति से प्रेरित हैं, लेकिन हम इसके खिलाफ लड़ेंगे। वे विपक्ष पर दबाना चाहते हैं। ऐसा इसलिए है कि स्टालिन सरकार चुनावी वादों को पूरा नहीं कर सकी।
थेनी मेडिकल कॉलेज के डीन के घर पहुंची टीम
जानकारी के मुताबिक, विजलेंस की टीम ने मंगलवार सुबह-सुबह पुडुर स्थित थेनी मेडिकल कॉलेज के डीन बालाजनाथन के आवास पर भी छापा मारा है। इस छापेमारी का संबंध पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभाष्कर पर लगे आरोपों से बताया जा रहा है।
पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि के ठिकानों पर भी छापेमारी
2015-18 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूदा स्ट्रीट लाइट को एलईडी लाइट से बदलने के मामले में कोयंबटूर में अन्नाद्रमुक नेता एसपी वेलुमणि के 31 परिसरों पर तलाशी ली गई। जिसके बाद डीवीएसी ने उनके और 9 अन्य लोगों के खिलाफ इस आरोप में एक आपराधिक मामला दर्ज किया। एसपी वेलुमणि पर आरोप है कि उन्होंने लाइटों को बदलने में अपनी करीबी से जुड़ी कंपनियों को अनुचित तरीके से निविदाएं देने में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। डीवीएसी ने अपनी बयान में कहा है कि इससे सरकारी खजाने को लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस मामले में आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
निदेशालय ने अपने बयान में यह भी कहा है कि 32.98 लाख रुपये नकद, 1,228 ग्राम सोने के गहने और 10 चौपहिया वाहनों की पहचान की गई है। इसमें कहा गया है कि 316 आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।
हालांकि, पूर्व मंत्री ने दावा किया कि उनके घर से कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम थी। वहीं, तलाशी की खबर सुनते ही बड़ी संख्या में अन्नाद्रमुक कार्यकर्ता और नेता शहर के पलक्कड़ मेन रोड पर वेलुमणि के घर के सामने जमा हो गए और हंगामा करने लगे। इस दौरान कथित तौर पर हंगामा करने वाले पार्टी के सात विधायकों को हिरासत में लिया गया।
#WATCH | Tamil Nadu Police detained seven AIADMK MLAs and several workers for protesting outside the residence of former state minister SP Velumani in Coimbatore against the raid by the Directorate of Vigilance and Anti-Corruption. https://t.co/5NK8AcYRhs pic.twitter.com/2azTPKlVFa
— ANI (@ANI) September 13, 2022