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Tamil Nadu: सीएम स्टालिन का राज्यपाल रवि और भाजपा पर हमला, बोले- एक धर्म की अवधारणा सामाजिक न्याय के खिलाफ

Sat, 11 Mar 2023 03:12 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: गुलाम अहमद Updated Sat, 11 Mar 2023 03:12 AM IST
सार

चेन्नई में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के 75वें वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन ने कहा कि तीन अवधारणाओं- सामाजिक न्याय, भाईचारा और समानता, में अकेले भारत की रक्षा करने की शक्ति है।

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Tamil Nadu CM Stalin lashes out at BJP Governor RN Ravi idea of a single concept faith against social justice
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि जो लोग देश में सिर्फ एक धर्म- एक भाषा की अवधारणा के विचार का समर्थन करते हैं, वे सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं। स्टालिन ने ऑनलाइन रमी (ऑनलाइन जुए) पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को वापस करने को लेकर राज्यपाल आरएन रवि पर भी निशाना साधा।

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चेन्नई में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 75वें वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए द्रमुक अध्यक्ष ने अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के मुसलमानों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों और उनके जीवन में उनकी भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि तीन अवधारणाओं- सामाजिक न्याय, भाईचारा और समानता, में अकेले भारत की रक्षा करने की शक्ति है।
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भाजपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग भारत को एक ही अवधारणा के देश में बदलना चाहते हैं, जैसे- एक धर्म, एक भाषा, एक संस्कृति, एक भोजन, एक चुनाव और एक परीक्षा, वे सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं। वे भाईचारे और समानता के भी खिलाफ हैं।
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राज्यपाल रवि पर निशाना साधते हुए सीएम स्टालिन ने कहा कि ऑनलाइन रमी पर प्रतिबंध को भी मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रमी को प्रतिबंधित करने वाले विधेयक को चार महीने तक लंबित रखने के बाद राज्यपाल कह रहे हैं कि राज्य सरकार के पास ऐसा कानून बनाने का अधिकार नहीं है। स्टालिन ने राज्यपाल से सवाल किया कि क्या वह ऐसे राज्य के राज्यपाल हैं जिसके पास इतना आम कानून बनाने का भी अधिकार नहीं है? 

लोगों को आत्महत्या की ओर धकेल रहा ऑनलाइन जुआ
वहीं, द्रमुक के मुखपत्र मुरासोली ने ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को लौटाने पर तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि पर निशाना साधा है। सत्तारूढ़ दल ने अपने मुखपत्र में शुक्रवार को पुन: ऑनलाइन जुए के संबंध में चिंता जताई और कहा कि इसके प्रभाव से राज्य में आत्महत्याओं की संख्या बढ़ रही है। इसने कहा कि जुए के कारण राज्य में बहुत से लोग ठगे जा रहे हैं, और आत्महत्याएं बढ़ रही हैं। 

अखबार ने पूछा कि क्या यह सब देख कर राज्य सरकार निष्क्रिय रहेगी? क्या ऑनलाइन जुए को रोकने के लिए राज्य सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है? द्रमुक के मुखपत्र में कहा गया है कि राज्यपाल राज्य सरकार को अनुमति नहीं दे रहे हैं, जो राज्य में ऑनलाइन जुए के मामलों को खत्म करने के लिए अपना काम कर रही है। बिल वापस करने के राज्यपाल के फैसले पर तंज कसते हुए, मुरासोली ने अपने लेख में आगे लिखा कि ‘बहादुर’ राज्यपाल सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन जुए का समर्थन नहीं कर रहे हैं।

अखबार ने लिखा कि बहादुर राज्यपाल ने यह कहते हुए विधेयक वापस कर दिया कि राज्य सरकार विधेयक पारित करने में सक्षम नहीं है। इसके बजाय उन्हें कहना चाहिए कि ‘ऑनलाइन रमी’ पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए क्योंकि यह एक अच्छा खेल है, जो महाभारत के समय से चला आ रहा है। बता दें कि राज्यपाल आरएन रवि ने बुधवार को 19 अक्तूबर, 2022 को विधानसभा से पारित ऑनलाइन जुआ और ऑनलाइन गेम के नियमन पर रोक लगाने वाले विधेयक को राज्य सरकार को वापस भेज दिया था।

'आपातकाल का विरोध न करने के लिए आया था संदेश'
मुख्यमंत्री स्टालिन ने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी ने द्रमुक से आपातकाल का विरोध न करने का आग्रह किया था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री दिवंगत एम. करूणानिधि ने लोकतंत्र को अपने शासन से पहले रखा था और इसका विरोध किया था। स्टालिन ने यहां अन्नाद्रमुक और द्रमुक सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के चार हजार से ज्यादा लोगों के सत्तारूढ़ द्रमुक में शामिल होने के बाद एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दिवंगत प्रधानमंत्री ने करुणानिधि को यह बताने के लिए अपने दूत भेजे थे कि 1975 में लगाए गए आपातकाल का उन्हें विरोध नहीं करना चाहिए और अगर उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया तो द्रमुक सरकार को बर्खास्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने खुद को संकट से बचाने के लिए देश में आपातकाल लगाया, जिसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और कई नेताओं के खिलाफ तत्कालीन सख्त आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (मीसा) के तहत मामला दर्ज किया गया। स्टालिन ने कहा, हम तब तमिलनाडु में शासन कर रहे थे। उस समय करुणानिधि के लिए एक संदेश था। कहाँ से? दिल्ली से। उन्होंने कहा कि मैडम इंदिरा गांधी द्वारा नियुक्त संदेशवाहक उन्हें (करुणानिधि) सूचित करते हैं कि (आपको) आपातकाल का विरोध नहीं करना है और अगर इसका विरोध किया गया तो (द्रमुक) सरकार अगले ही सेकंड गिर जाएगी।


हालांकि, करुणानिधि ने उनसे कहा कि उन्हें अपने जीवन की भी परवाह नहीं है और लोकतंत्र उनके लिए महत्वपूर्ण है। स्टालिन ने याद दिलाया कि बाद में मरीना बीच पर हुई एक जनसभा में करूणानिधि ने आपातकाल के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि इसके तुरंत बाद द्रमुक सरकार को बर्खास्त कर दिया गया और हम सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।

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