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Tamil Nadu: 'नए मेडिकल कॉलेज पर NMC की अधिसूचना गलत, स्वास्थ्य मंत्रालय रोक लगाए', PM मोदी को स्टालिन का पत्र

Wed, 04 Oct 2023 03:05 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 04 Oct 2023 03:05 PM IST
सार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नए मेडिकल कॉलेज खोलने के मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन की अधिसूचना पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि कानूनी रूप से एनएमसी का नोटिफिकेशन सही नहीं है।
 

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Tamil Nadu CM MK Stalin NMC Notification PM Modi Health ministry
MK Stalin - फोटो : Social Media

विस्तार

देश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के नियमों को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन ने अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार नए कॉलेज खोलने पर पाबंदियां लगाई गई हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस नोटिफिकेशन को गलत बताया है। सीएम स्टालिन ने कहा कि इस अधिसूचना के कारण कई साल पहले जैसे हालात दोबारा पैदा होने का खतरा है। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि एनएमसी को इस अधिसूचना को स्थगित रखना चाहिए।
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क्या नए कॉलेजों को नहीं मिलेगी अनुमति?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे लेटर में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा, इस अधिसूचना को निलंबित रखने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश दिया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में राज्यों से परामर्श की प्रक्रियाा शुरू करनी चाहिए। स्टालिन ने अपने पत्र में लिखा है कि एनएमसी नोटिफिकेशन के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2023-2024 से लेटर ऑफ परमिशन सभी कॉलेजों को जारी नहीं किया जाएगा। 
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10 लाख की आबादी पर 100 एमबीबीएस सीटों की शर्त
उन्होंने कहा कि एनएमसी की अधिसूचना नए मेडिकल कॉलेज खोलने पर अंकुश लगाने वाली है। पीएम मोदी को विस्तार से मामले की जानकारी देते हुए सीएम स्टालिन ने कहा, केवल 50/100/150 सीटों की वार्षिक क्षमता वाले कॉलेजों को ही अनुमति दी जाएगी। अधिसूचना के अनुसार, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में प्रति 10 लाख आबादी पर 100 एमबीबीएस सीटों का अनुपात होने की शर्त भी रखी गई है।
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क्या राज्यों को दंडित कर रही केंद्र सरकार?
स्टालिन ने इस अधिसूचना को 'सीधा अतिक्रमण' बताया और कहा, एनएमसी का फैसला उन राज्यों को दंडित करने जैसा है, जहां पिछले कई साल में सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे और सरकारी अस्पतालों के तंत्र को मजबूत बनाने पर पिछले कई साल से भरपूर और लगातार निवेश कर रहे हैं।

'हेल्थ सेक्टर में तमिलनाडु का प्रदर्शन शानदार'
डीएमके सुप्रीमो सह मुख्यमंत्री स्टालिन ने दावा किया कि तमिलनाडु विकास को प्राथमिकता देने वाले राज्यों में एक है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के नेटवर्क को मजबूत बनाने का लगातार प्रयास पिछले कई दशकों से किया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि राज्य में डॉक्टरों और नर्सों की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री का दावा है कि स्वास्थ्य क्षेत्र के अलग-अलग पैमानों पर तमिलनाडु का शानदार प्रदर्शन किसी से छिपा नहीं है।

स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद उन्नत, इलाज के लिए विदेश से भी आते हैं लोग
स्टालिन ने कहा कि राजधानी चेन्नई के भारत का हेल्थकेयर कैपिटल कहा जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों में भी डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल बेहतरीन सेवाएं मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के अलावा दूसरे राज्यों और यहां तक कि देश के बाहर से इलाज कराने आने वाले मरीजों को भी अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

डॉक्टरों की मौजूदगी बड़ी समस्या
एनएमसी के नोटिफिकेशन में रखी गई शर्तों के अनुसार मेडकल कॉलेज खोलने के लिए डॉक्टर और मरीज का ऊंचा अनुपात जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्तर पर तमिलनाडु में पर्याप्त डॉक्टर हैं, लेकिन कई ऐसे जिले हैं जहां डॉक्टरों की मौजूदगी बड़ी समस्या बनी हुई है।

जिलों में नहीं खुल सकेंगे अच्छे अस्पताल
अस्पतालों की कमी की समस्या को दूर करने के उपायों का जिक्र करते हुए सीएम स्टालिन ने कहा कि पिछड़े क्षेत्रों में नए मेडिकल कॉलेज शुरू करके ही प्रभावी ढंग से इस संकट को दूर किया जा सकता है। राज्य स्तर के मानदंडों के आधार पर एनएमसी की तरफ से लगाया गया कोई भी प्रतिबंध उन जिलों को अच्छे अस्पतालों से वंचित कर देगा, जहां अच्छी स्वास्थ्य अवसंरचना विकसित की जा सकती है।

मदुरै में एम्स की शुरुआत पर सवालिया निशान?
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु जैसे राज्य में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात अधिक है। डॉक्टरों की इतनी अधिक संख्या का प्रमुख कारण राज्य सरकार और निजी क्षेत्र का निवेश है। केंद्र सरकार की तरफ से निवेश नहीं किया गया है। स्टालिन ने कहा, हम लगातार आग्रह कर रहे हैं कि केंद्र सरकार को और अधिक योगदान देने की जरूरत है, लेकिन मदुरै में अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (AIIMS) जैसी परियोजनाएं अभी तक शुरू नहीं हो सकी हैं।

तमिलनाडु पर एनएमसी के नोटिफिकेशन का असर
स्टालिन ने कहा, वर्तमान हालात को देखते हुए नए संस्थानों को खोलने से जुड़े प्रतिबंध स्वास्थ्य क्षेत्र में तमिलनाडु को खतरे में डालने वाले हैं। उन्होंने कहा कि एनएमसी के नोटिफिकेशन पर रोक न लगने की स्थिति में प्रदेश में केंद्रीय निवेश की संभावनाएं पूरी तरह से खत्म हो सकती हैं।

स्टालिन ने सुप्रीम कोर्ट के किस आदेश का जिक्र किया
उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने भी हालिया फैसले में माना है कि कार्यकारी निर्देशों को आधार बनाकर मौलिक अधिकार पर प्रतिबंध नहीं लगाए जा सकते। स्टालिन ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने को मौलिक अधिकार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का जिक्र किया।


राज्य सरकारों के साथ परामर्श करे स्वास्थ्य मंत्रालय
प्रधानमंत्री मोदी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए सीएम स्टालिन ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में एनएमसी की अधिसूचना कानूनी रूप से खारिज की जा सकती है। सभी मुद्दों पर विचार करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को अधिसूचना को स्थगित रखने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज खोलने संबंधी किसी भी कदम पर राज्य सरकारों के साथ परामर्श की प्रक्रिया शुरू किया जाए। 
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