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तमिलनाडु की राजनीति पर भाजपा की पैनी नज़र

Thu, 08 Dec 2016 03:58 PM IST
इमरान क़ुरैशी / बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
इमरान क़ुरैशी / बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए Updated Thu, 08 Dec 2016 03:58 PM IST
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Tamil Nadu BJP's sharp eye on politics
एआईएडीएमके नेता जयललिता के दो महीने पहले अस्पताल में भर्ती होने से लेकर उनके निधन तक पूरे घटनाक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह की सक्रियता दिखाई है, वो किसी से छिपी नहीं है। तमिलनाडु में राजनीति की हालत इन दिनों नाजुक बनी हुई है। ये सच है कि केंद्र की मोदी सरकार के साथ जयललिता के संबंध अच्छे थे लेकिन मोदी सरकार ने उनकी तबीयत को लेकर जो चिंता जाहिर की, वो सिर्फ अच्छे संबंधों की वजह से नहीं थी। इसके राजनीतिक कारण भी थे जो 'अच्छे संबंधों' से कहीं बड़े थे।
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यही वजह है कि इस साल सितम्बर में जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने के बाद एक तरह का दबाव बनाया गया था कि एआईएडीएमके को अब अपना नया नेता चुन लेना चाहिए।
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राजनीतिक गलियारों में आमतौर पर इस बात को स्वीकार किया जाता है कि केंद्र के दबाव की वजह से जयललिता के निधन से पहले ओ पनीरसेल्वम को अम्मा का उत्तराधिकारी बनाकर आधी रात को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
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Tamil Nadu BJP's sharp eye on politics
इसकी एक साफ़ वजह ये न.र आती है कि जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके के 'भ्रमित' सांसदों को डीएमके की ओर देखने से रोका जाए। जयललिता के अंतिम संस्कार के दौरान भी कुछ दृश्य ऐसे न.र आए जब लगा कि ये दोनों पार्टियां भविष्य में एक-दूसरे का हाथ थामने के लिए विवश हैं। चेन्नई के राजाजी हॉल में जहां दिवंगत जयललिता का पार्थिव शरीर दर्शनार्थ रखा गया था, वहां भावुक पनीरसेल्वम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर देख रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने शशिकला को जिस तरह से सांत्वना दी, उसने विश्लेषकों को सोचने पर विवश कर दिया।

विश्लेषक इस बात से इंकार नहीं कर रहे हैं कि जयललिता के निधन के बाद भारतीय जनता पार्टी अपनी जगह तलाशने की हर संभव कोशिश कर रही है। कोयम्बटूर में रहने वाले राजनीतिक विश्लेषक जी सत्यमूर्ति ने बीबीसी हिंदी से कहा, ''इसमें किसी को कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए यदि एआईएडीएमके को भारतीय जनता पार्टी की बी टीम बना दिया जाए। सवाल बस इतना है ऐसा कब होगा।''
 

Tamil Nadu BJP's sharp eye on politics
सत्यमूर्ति एआईएडीएमके के एक नेता का बयान दोहराते हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि जयललिता के संरक्षक 'एमजी रामचंद्रन के बाद सब शून्य थे और अब जयललिता के बाद भी यही स्थिति है। इसलिए तमिलनाडु में नई पारी की शुरुआत के लिए भारतीय जनता पार्टी के पास बेहतरीन अवसर है।'' सत्यमूर्ति की इस बात से वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक मालन सहमति जताते हैं। मालन कहते हैं, ''एक ताकतवर नेता की गैर-मौजूदगी में एआईएडीएमके को इस बात के लिए मजबूर किया जाएगा कि वो किसी पार्टी के साथ गठजोड़ करे।

अपने झंडे को बुलंद रखने के लिए एआईएडीएमके चाहकर भी डीएमके के साथ नहीं जा सकती। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। ऐसे में कोई नौबत आई तो एआईएडीएमके गठबंधन के लिए भारतीय जनता पार्टी के साथ जाएगी। धार्मिक भावनाएं, मंदिर से जुड़ी आस्थाएं भी एआईएडीएमके को भाजपा के न.दीक लाती हैं। लेकिन वो अपनी अलग पहचान बनाकर रखेंगे।'' तमिलनाडु की राजनीति को समझने वाले पंडितों को एक और पहलू न.र आ रहा है और वो ये कि एआईएडीएमके काडर इस बात से खुश नहीं है कि शशिकला, जयललिता की छाया बनकर उभर रही हैं। शशिकला ने जयललिता का अंतिम संस्कार किया, ये बात उन्हें पसंद नहीं आई। मद्रास विकास अध्ययन संस्थान में प्रोफेसर एआर वेंकटचलपति कहते हैं, ''वो 30 साल तक सत्ता के करीब रही हैं, क्या आपको लगता है कि वो आसानी से सब कुछ छोड़ देंगी।

Tamil Nadu BJP's sharp eye on politics
'' वैसे तमिलनाडु में हर कोई ये बात जानता है कि जयललिता की करीबी होने के कारण शशिकला खूब जानती हैं कि पार्टी को कैसे चलाया जाता है। जानकार मानते हैं कि शशिकला जनरल सेक्रेटरी बनकर पार्टी की मुखिया बनना पसंद करेंगी। उधर कोई अच्छा ओहदा नहीं मिलने पर गौंदर समुदाय से इसके खिलाफ़ कुछ आवाजें  उठ सकती हैं। गौंदर समुदाय का मानना है कि उनके समर्थन की वजह से अन्नाद्रमुक को सरकार बनाने लायक बहुमत मिला था। चूंकि थेवर समुदाय के पन्नीरसेल्वम को दो बार मौका मिल चुका है, इसलिए सरकार चलाने का अगला मौका उन्हें ही मिलना चाहिए ।

प्रोफेसर वेंकटचलपति कहते हैं, ''ये तो साफ है कि गौंदर समुदाय की भुजाएं अपना दमखम दिखाना चाह रही हैं।'' वहीं राजनीतिक विश्लेषक मालन कहते हैं, ''हो सकता है कि शशिकला किसी और को जनरल सेक्रेटरी बनाने पर रा.ी हो जाएं और सत्ता अपने ही हाथ में रखें। इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।'' इस सबके बीच भारतीय जनता पार्टी निश्चित तौर पर एआईएडीएमके की अंदरुनी उथल-पुथल पर न.र बनाए रखेगी ताकि उसे अपने पांव पसारने का मौका मिल सके।
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