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करूर भगदड़: हादसे की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची भाजपा, सीबीआई जांच की मांग की
Wed, 08 Oct 2025 05:32 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 08 Oct 2025 05:32 PM IST
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विजय, अध्यक्ष, टीवीके
- फोटो : ANI
तमिलनाडु के एक भाजपा नेता ने 27 सितंबर को अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय की रैली के दौरान करूर में हुई भगदड़ की घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
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यह याचिका अधिवक्ता और भाजपा की राज्य कानूनी प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष जीएस मणि ने दाखिल की है। उन्होंने तमिलनाडु पुलिस की जांच पर रोक लगाने और मामले की जांच को सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना से जुड़ी अन्य याचिकाओं की सुनवाई 10 अक्टूबर के लिए तय की हैं।
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अपनी याचिका में मणि ने अदालत से आग्रह किया है कि मामले की जांच तमिलनाडु पुलिस से सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक स्वतंत्र विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी जाए। याचिका के अनुसार, हाई कोर्ट ने कहा था कि बिना ठोस सबूतों के केवल आरोपों के आधार पर जांच को किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपना उचित नहीं होगा।
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कोर्ट ने यह भी कहा था कि राज्य सरकार पहले ही मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और अभिनेता विजय की पार्टी ने 20 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा कर चुकी है। मणि ने अपनी याचिका में कहा है कि यह घटना केवल आपराधिक लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार) का गंभीर उल्लंघन भी है।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। जब राज्य मशीनरी ही संदेह के घेरे में हो, तब जांच को स्वतंत्र एजेंसी जैसे सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एसआईटी को सौंपा जाना चाहिए।