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Bengal: 'क्षेत्र में भयावह स्थिति, अराजकता का सटीक उदाहरण'; संदेशखाली के दौरे के बाद बोले सुवेंदु अधिकारी
Tue, 20 Feb 2024 03:51 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संदेशखाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संदेशखाली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 20 Feb 2024 03:51 PM IST
सार
अदालत की अनुमति के बाद सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के संदेशखाली पहुंचे। जहां उन्होंने स्थानीय लोगों, महिलाओं से बातचीत की। दौरे के बाद सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वहां की स्थिति भयावह है, जो अराजकता का सटीक उदाहरण है।
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सुवेंदु अधिकारी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की एक घटना ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष लगातार एक-दूसरे पर जुबानी हमला बोले रहे हैं। जहां एक तरफ विपक्षी दल राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने की बात कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, टीएमसी इसे भाजपा की साजिश करार दे रही है। तमाम बयानबाजी के बीच, आखिरकार कलकत्ता हाईकोर्ट ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को संदेशखाली जाने की अनुमति दी। वहां पहुंचकर नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने महिलाओं, स्थानीय लोगों से बातचीत की।
स्थिति भयावह, अराजकता का स्पष्ट उदाहरण- सुवेंदु
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली पहुंचने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने क्षेत्र की स्थिति को भयावह और अराजकता का स्पष्ट उदाहरण करार दिया है। इस दौरान उन्होंने वहां के स्थानीय लोगों का दर्द सुना और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने कहा कि लोगों के बताए गए अनुभवों ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। सत्तापक्ष के लोगों ने उनकी जमीनें हड़प ली हैं। यहां तक कि महिलाओं का शोषण किया गया। क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह से भयावह है, जो अराजकता का स्पष्ट उदाहरण है। यह घटना पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से हुआ है। उन्होंने कहा कि संदेशखाली में मैंने सभी गांवों का दौरा किया। हमारे 14 भाजपा कार्यकर्ता जेल में हैं। सीबीआई के आने से क्षेत्र के लोग खुश हैं, स्थानीय लोगों को जल्द न्याय मिलेगा। दुष्कर्म, लुटपाट माफिया और वोट लुटेरे सभी जेल जाएंगे। ये सब सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ही लोग हैं।
गौरतलब है कि पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को संदेशखाली का दौरा करने से रोक दिया था। मंगलवार को प्रतिबंध के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत की अनुमति मिलने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने संदेशखाली का दौरा किया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस शिवगणम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसने सुवेंदु अधिकारी और भाजपा विधायक शंकर घोष को मंगलवार को संदेशखाली जाने की अनुमति दी थी।
कोई घर में घुसे तो शोर मचाएं
शुभेंदु अधिकारी संदेशखाली में गिरफ्तार भाजपा नेता विकास सिंह के घर पहुंचे। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी लेकिन कोर्ट से निकलते ही पुलिस ने विकास को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। विकास सिंह के घर से बाहर शुभेंदु ने कहा, मैं गांव में सभी को एक-एक माइक दूंगा। अगर कोई जबरन आपके घर में घुसे तो माइक पर चिल्लाएं, चोर आया है, डाकू आया है। तो बाकी लोग भी घर से बाहर आ जाएंगे।
बृंदा करात को भी रोका गया
उधर, संदेशखाली जाने की कोशिश कर रही माकपा नेता बृंदा करात को भी पुलिस ने धामाखाली में रोक दिया। वह चार लोगों के साथ संदेशखाली जाना चाहती थीं। लेकिन पुलिस ने इजाजत नहीं दी। इस बीच, एडिटर्स गिल्ड ने कवरेज के लिए क्षेत्र में मौजूद एक टेलीविजन पत्रकार को गिरफ्तार किए जाने की आलोचना की है। वहीं, पत्रकार की गिरफ्तारी पर एनएचआरसी ने पश्चिम बंगाल के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया है।
कौन हैं सुवेंदु अधिकारी
2007-08 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दिनों में ममता बनर्जी के करीबी विश्वास पात्रों में से एक थे सुवेंदु अधिकारी। 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। जिसके बाद से ही ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी की बीच सियासी घमासान जारी है। गौरतलब है कि वे वर्तमान में पश्चिम बंगाल की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं।
सुवेंदु अधिकारी के दौरे पर टीएमसी की प्रतिक्रिया
इस बीच, सुवेंदु अधिकारी के दौरे पर टीएमसी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि हमें क्षेत्र में कुछ शिकायतें मिली हैं। भाजपा इस मुद्दे को साप्रदायिक रंग देने की कोशिश में लगी है। भाजपा ममता सरकार के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार कर रही है।
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स्थिति भयावह, अराजकता का स्पष्ट उदाहरण- सुवेंदु
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली पहुंचने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने क्षेत्र की स्थिति को भयावह और अराजकता का स्पष्ट उदाहरण करार दिया है। इस दौरान उन्होंने वहां के स्थानीय लोगों का दर्द सुना और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने कहा कि लोगों के बताए गए अनुभवों ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। सत्तापक्ष के लोगों ने उनकी जमीनें हड़प ली हैं। यहां तक कि महिलाओं का शोषण किया गया। क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह से भयावह है, जो अराजकता का स्पष्ट उदाहरण है। यह घटना पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से हुआ है। उन्होंने कहा कि संदेशखाली में मैंने सभी गांवों का दौरा किया। हमारे 14 भाजपा कार्यकर्ता जेल में हैं। सीबीआई के आने से क्षेत्र के लोग खुश हैं, स्थानीय लोगों को जल्द न्याय मिलेगा। दुष्कर्म, लुटपाट माफिया और वोट लुटेरे सभी जेल जाएंगे। ये सब सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ही लोग हैं।
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#WATCH | In Sandeshkhali, West Bengal LoP and BJP MLA Suvendu Adhikari says, "...I visited all villages. 14 of our BJP workers are in jail...People in this area are very happy. CBI has arrived and the State Police has gone away. They will get justice. The rapists, looters, mafia… pic.twitter.com/3crAZk0Qj6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 20, 2024
गौरतलब है कि पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को संदेशखाली का दौरा करने से रोक दिया था। मंगलवार को प्रतिबंध के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत की अनुमति मिलने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने संदेशखाली का दौरा किया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस शिवगणम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसने सुवेंदु अधिकारी और भाजपा विधायक शंकर घोष को मंगलवार को संदेशखाली जाने की अनुमति दी थी।
कोई घर में घुसे तो शोर मचाएं
शुभेंदु अधिकारी संदेशखाली में गिरफ्तार भाजपा नेता विकास सिंह के घर पहुंचे। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी लेकिन कोर्ट से निकलते ही पुलिस ने विकास को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। विकास सिंह के घर से बाहर शुभेंदु ने कहा, मैं गांव में सभी को एक-एक माइक दूंगा। अगर कोई जबरन आपके घर में घुसे तो माइक पर चिल्लाएं, चोर आया है, डाकू आया है। तो बाकी लोग भी घर से बाहर आ जाएंगे।
बृंदा करात को भी रोका गया
उधर, संदेशखाली जाने की कोशिश कर रही माकपा नेता बृंदा करात को भी पुलिस ने धामाखाली में रोक दिया। वह चार लोगों के साथ संदेशखाली जाना चाहती थीं। लेकिन पुलिस ने इजाजत नहीं दी। इस बीच, एडिटर्स गिल्ड ने कवरेज के लिए क्षेत्र में मौजूद एक टेलीविजन पत्रकार को गिरफ्तार किए जाने की आलोचना की है। वहीं, पत्रकार की गिरफ्तारी पर एनएचआरसी ने पश्चिम बंगाल के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया है।
कौन हैं सुवेंदु अधिकारी
2007-08 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दिनों में ममता बनर्जी के करीबी विश्वास पात्रों में से एक थे सुवेंदु अधिकारी। 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। जिसके बाद से ही ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी की बीच सियासी घमासान जारी है। गौरतलब है कि वे वर्तमान में पश्चिम बंगाल की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं।
सुवेंदु अधिकारी के दौरे पर टीएमसी की प्रतिक्रिया
इस बीच, सुवेंदु अधिकारी के दौरे पर टीएमसी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि हमें क्षेत्र में कुछ शिकायतें मिली हैं। भाजपा इस मुद्दे को साप्रदायिक रंग देने की कोशिश में लगी है। भाजपा ममता सरकार के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार कर रही है।
क्या है मामला
स्थानीय महिलाओं द्वारा टीएमसी के कद्दावर नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जबरदस्ती जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाने के बाद संदेशखाली में कई विरोध प्रदर्शन हुए थे। पांच जनवरी को राशन घोटाले के मामले में उसके आवास की तलाशी लेने गए प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर भीड़ ने हमला कर दिया था, जिसके बाद से ही शाहजहां शेख फरार हो गया है।
स्थानीय महिलाओं द्वारा टीएमसी के कद्दावर नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जबरदस्ती जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाने के बाद संदेशखाली में कई विरोध प्रदर्शन हुए थे। पांच जनवरी को राशन घोटाले के मामले में उसके आवास की तलाशी लेने गए प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर भीड़ ने हमला कर दिया था, जिसके बाद से ही शाहजहां शेख फरार हो गया है।