किर्गिजस्तान के लिए रवाना हुईं सुषमा स्वराज, एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में करेंगी शिरकत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज किर्गिजस्तान के लिए रवाना हो गई हैं। यहां वह 21 और 22 मई को बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों (सीएफएम) की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
Delhi: External Affairs Minister Sushma Swaraj leaves for Kyrgyzstan. She will participate in a meeting of Council of Foreign Ministers of Shanghai Cooperation Organization (SCO) in Bishkek, on May 21-22. pic.twitter.com/OTB6dhjyQD
— ANI (@ANI) May 21, 2019
माना जा रहा है कि इस बैठक में आतंकवाद सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय महत्व के शीर्ष मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
बता दें भारत 2017 में इस समूह का पूर्णकालिक सदस्य बना था। भारत एससीओ तथा इसके क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी ढांचे (आरएटीएस) के साथ सुरक्षा संबंधी सहयोग को मजबूत करना चाहता है। आरएटीएस के दायित्वों में सुरक्षा एवं रक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान करना भी शामिल है।
विदेश मंत्रालय ने बताया, "भारत बीते एक साल से भी अधिक समय से किर्गिज गणराज्य की अध्यक्षता में संपन्न एससीओ के विभिन्न वार्ता व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी करता रहा है।" मंत्रालय ने कहा कि स्वराज एससीओ के विदेश मंत्रियों के साथ किर्गिज राष्ट्रपति सूरनबाय जीनबेकोव से संयुक्त मुलाकात भी करेंगी।
बीते साल रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिश्केक में एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। 2017 में भारत के अलावा पाकिस्तान को भी एससीओ की सदस्यता दि गई थी। इस संगठन की स्थापना 2001 में शंघाई में संपन्न एक शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने की थी।