फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Survivor says 11 members of wife's family missing in landslide in Wayanad

Wayanad Landslide: भूस्खलन की तबाही में बचे शख्स ने बताया आंखों देखी मंजर, कैसे नदी में बदल गया हरा-भरा इलाका?

Wed, 31 Jul 2024 04:47 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 31 Jul 2024 04:47 PM IST
सार

Wayanad Landslide: केरल के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र चूरलमाला का निवासी जयन 29 जुलाई की रात को अपने घर में गहरी नींद में सो रहा था। चूरलमाला में शांत और साफ आवासीय इलाका बाहर हो रही मूसलाधार बारिश की आवाजों से गूंज रहा था। फिर जो हुआ उसे बयां नहीं किया जा सकता है।

विज्ञापन
Survivor says 11 members of wife's family missing in landslide in Wayanad
वायनाड में भूस्खलन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

केरल के वायनाड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र चूरलमाला में मंगलवार की रात 1.30 बजे स्थानीय निवासी जयन एक तेज आवाज सुनकर जाग गया। जैसे ही वो अपने घर के बाहर आया, उसने देखा कि उनके घर के ठीक बाहर बाढ़ का पानी बह रहा है और लोग मदद के लिए चिल्लाते हुए अपनी छतों की ओर भाग रहे हैं।
विज्ञापन


'कीचड़ और पानी के तेज बहाव के सामने सब असहाय'
मंगलवार की सुबह हुई भयावह घटनाओं को याद करते हुए जयन ने बताया कि इलाके में बिजली या रोशनी नहीं थी। हमने बाढ़ के पानी के दूसरी तरफ लोगों को मदद के लिए चिल्लाते देखा, लेकिन कोई भी उनके पास नहीं पहुंच सका, क्योंकि कीचड़ और पानी के तेज बहाव के सामने सब प्रयास बेकार थे। 
विज्ञापन


लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला
जयन और उनका परिवार, जो कि मजदूरी करता है, आमतौर पर रात में खाना खाने के बाद लगभग 9.30 बजे तक सभी सो जाते हैं। सोमवार की रात को भी, क्षेत्र के अधिकांश अन्य लोगों की तरह, उनका भी परिवार रात 9.30 बजे के आसपास सोने चला गया। लेकिन वो सभी इस बात से अनजान कि आगे क्या बुरा होने वाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रात 3.30 बजे भूस्खलन के बाद टूटा कहर
जयन ने बताया कि चूरलमाला में सभी ने सोचा कि दोपहर 1.30 बजे का भूस्खलन सिर्फ एक सामान्य भूस्खलन होगा और कई लोग इस उम्मीद में वापस सोने चले गए कि मदद के लिए चिल्लाने वाले अन्य लोग सुरक्षित होंगे। लेकिन सुबह करीब 3.30 बजे फिर तेज आवाज हुई और सब कुछ पल भर में खत्म हो गया। बड़े-बड़े पत्थर और कीचड़ ने उन सभी घरों को तहस-नहस कर दिया, जहां लोग पहले मदद के लिए चिल्ला रहे थे। हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें, क्योंकि हमारे सामने कीचड़, पानी और मलबा बह रहा था।

कुछ ही समय में नदी में बदल गया हरा-भरा इलाका
इलाके के अधिकांश घर कुछ ही समय में गायब हो गए और आसपास किसी के जिंदा होने का कोई निशान नहीं बचा। कीचड़ और पत्थरों से भरे पानी ने लोगों के साथ इमारतों को भी बहा दिया। एक ऐसा इलाका जो कभी हरा-भरा हुआ था अचानक नदी में बदल गया, और चारों ओर कीचड़ और मलबा बिखरा हुआ था। इस दौरान जो लोग बचे थे, वो अपनों के नाम लेकर जोर-जोर से रो रहे थे।

अपनों के इंतजार में बैठे हुए हैं पीड़ित लोग
वहीं जयन ने आगे रोते हुए बताया कि मेरी पत्नी के परिवार के 11 सदस्य लापता हैं। हमने मलप्पुरम जिले के नीलांबुर में चालियार नदी से बरामद एक बच्चे के शव की पहचान हमारे रिश्तेदार के रूप में की है। हमें अब तक केवल तीन शव मिले हैं और बाकी अभी भी लापता हैं। जयन अभी भी रेन कोट लेकर अपनों की इंतजार कर रहे हैं, भूस्खलन के बाद घटनास्थल से बरामद सभी शवों की जांच कर रहे हैं, कि कहीं वे उनकी पत्नी के परिवार के सदस्य न हों।


पीड़ितों का इंतजार जल्द खत्म होने के आसार नहीं
जयन ने कहा कि मैं यहां इंतजार कर रहा हूं, उम्मीद है कि हमें अपने लापता परिवार के सदस्यों के बारे में कुछ जानकारी मिलेगी। बता दें कि जयन के इंतजार के जल्दी खत्म होने के आसार नहीं हैं, क्योंकि बचावकर्मी इलाके में कीचड़ और मलबे को खोदकर मृतकों की तलाश कर रहे हैं और किसी को जीवित निकालने की उम्मीद कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed