फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court worried over tranquillisation of deer before relocation to Rajasthan

Supreme Court: हिरणों को बेहोश करने की प्रक्रिया पर SC ने जताई चिंता, मौत के आकंड़े पता लगाने के दिए निर्देश

Fri, 25 Jul 2025 03:53 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 25 Jul 2025 03:53 PM IST
सार

दिल्ली के हौज खास डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर चिंता जताई। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ट्रैंक्विलाइजेशन से होने वाली मौतों के आंकड़े बताने के निर्देश दिए हैं। 

विज्ञापन
Supreme Court worried over tranquillisation of deer before relocation to Rajasthan
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के हौज खास डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि क्या दिल्ली के हौज खास से हिरणों को राजस्थान ले जाने से पहले बेहोश किया गया था? न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया गया है कि अब तक 261 हिरणों को पड़ोसी राज्य में स्थानांतरित किया जा चुका है।

विज्ञापन


पीठ ने कहा है कि हमें इस बात की चिंता है कि क्या हिरणों को ले जाने से पहले बेहोश किया गया था? शीर्ष अदालत ने एक पुराने मामले का हवाला दिया जिसमें वन अधिकारियों ने कहा था कि हिरण बेहोश करने की दवा को ठीक से ग्रहण नहीं करते। पीठ ने कहा, हिरणों को बेहोश करने की दवा देने से उनकी मृत्यु दर में भारी वृद्धि होती है।
विज्ञापन


ट्रैंक्विलाइजेशन से होने वाली मौतों का पता लगाने के दिया निर्देश
हिरण पार्क से हिरणों को स्थानांतरित करने संबंधी एक याचिका पर सुनवाई कर रही शीर्ष अदालत ने इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। पीठ ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण का प्रतिनिधित्व कर रहीं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से हिरणों पर बेहोशी के दवा के प्रभाव और इससे संबंधित मृत्यु दर के प्रतिशत का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि शीर्ष अदालत ने 16 मई को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के अधिकारियों की एक टीम को उन स्थानों का तुरंत दौरा करने का निर्देश दिया था। जहां 261 हिरणों को स्थानांतरित किया गया था। उन्होंने कहा कि हालांकि निरीक्षण रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई थी, लेकिन इसमें ट्रैंक्विलाइजेशन के मुद्दे का उल्लेख नहीं है।

पीठ ने कहा, आप उन्हें वाहनों में लादकर नहीं ले जा सकते। वे जंगली जानवर हैं। उन्हें ले जाने से पहले उन्हें काबू में करना पड़ता है और इससे उन्हें बहुत परेशानी होती है। भाटी ने कहा कि 261 हिरणों को पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका है। इस पर पीठ ने कहा, हमें बताइए कि कितने बच गए? हमें आंकड़े दीजिए। 


ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट: यूट्यूबर को SC ने लगाई फटकार, कहा- सजा या बरी करने का निर्णय वीडियो के आधार पर नहीं होता

याचिकाकर्ता के वकील ने अधिकारियों द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया में गंभीर खामियों और लापरवाही को रेखांकित किया है। याचिका में दावा किया गया था कि करीब 600 हिरणों को बिना उचित वन्यजीव मूल्यांकन, पशु चिकित्सा परीक्षण या संवेदनशील समूहों (जैसे गर्भवती हिरण व बच्चों) के संरक्षण के हौज खास से हटाया जा रहा है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि अब तक तीन चरणों में हिरणों को जल्दबाजी में राजस्थान के अभयारण्यों में भेजा गया है, जो वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed