फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court will not make repeat pass order on live streaming of court proceedings

अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग पर सुप्रीम कोर्ट दोबारा पारित नहीं करेगा आदेश

Wed, 05 Feb 2020 06:07 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 05 Feb 2020 06:07 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court will not make repeat pass order on live streaming of court proceedings
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media

सांविधानिक व राष्ट्रीय महत्व के मसलों की अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोई न्यायिक आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस संबंध में वर्ष 2018 में दिए गए शीर्ष अदालत के ही आदेश का अनुपालन करने की मांग पर न्यायिक आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।

विज्ञापन


लेकिन पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि इस मामले में चीफ जस्टिस (सीजेआई) एसए बोबडे द्वारा प्रशासनिक स्तर पर कोई निर्णय लेना ही उचित रहेगा।सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान ने पीठ को बताया कि 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
विज्ञापन


वहीं, अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि सेक्रेटरी जनरल ने लाइव स्ट्रिमिंग के लिए आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में चीफ जस्टिस को प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लेना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद जस्टिस मिश्रा के अतिरिक्त जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस एमके शाह की मौजूदगी वाली पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक हिस्से को किसी भी तरह आदेश नहीं दिया जा सकता। क्या संसद को यह आदेश दिया जा सकता है कि वह इस या उस कानून को बनाए? पीठ ने कहा, हमें यह मामला सीजेआई द्वारा प्रशासनिक पहलू पर जांच के लिए छोड़ देना चाहिए।

क्या था 2018 का आदेश?

केंद्र सरकार ने जुलाई 2018 में सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि प्रयोग के तौर पर चीफ जस्टिस की अदालत में सांविधानिक मसलों पर होने वाली कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की जा सकती है। इसके आधार पर शीर्ष अदालत ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि यह पारदर्शिता ऐसी होगी, जैसे ‘सूर्य की किरणें’ सबसे अच्छा ‘कीटाणुनाशक’ होती हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा था कि एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर केवल सांविधानिक पीठ के सामने पेश कुछ खास श्रेणी के सांविधानिक या राष्ट्रीय महत्व वाले मुकदमों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed