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सुप्रीम कोर्ट ने अलग से नहीं सुनेगा मध्य प्रदेश के जज की याचिका
Wed, 23 Sep 2020 02:23 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 23 Sep 2020 02:23 AM IST
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supreme court
- फोटो : पीटीआई
सुप्रीम कोर्ट मध्य प्रदेश के एक अपर जिला जज की याचिका अलग से नहीं सुनेगा। अपर जिला जज ने अपनी याचिका में मध्य प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा (भर्ती व सेवा शर्तें) नियमावली, 2017 को चुनौती दी है।
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मंगलवार को चीफ जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अक्षय कुमार द्विवेदी की याचिका को भी इस मामले में लंबित अन्य याचिकाओं के साथ ही सुना जाएगा। अपर जिला जज द्विवेदी फिलहाल मध्य प्रदेश राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण के चेयरमैन के तौर पर तैनात हैं।
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उन्होंने वकील अश्विनी कुमार दुबे के जरिये दाखिल याचिका में सेवा नियमावली के नियम संख्या 11 को चुनौती दी है, जो न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठका 110 प्वाइंट के रोस्टर के आधार पर तय करती है।
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उन्होंने इस नियम को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से ऑल इंडिया जज एसोसिएशन व अन्य बनाम भारत सरकार व अन्य के मामले में दिए गए 40 प्वाइंट कैडर आधारित रोस्टर सिस्टम के आदेश का उल्लंघन बताते हुए खारिज करने की मांग की है।