अगर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर अवमानना के दोषी पाए गए तो जाएंगे जेल : सुप्रीम कोर्ट
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दवा निर्माण के क्षेत्र में दुनिया की जानी-मानी भारतीय कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने को तैयार हो गया है। मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि वह 11 अप्रैल को रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों मालविंदर और शिविंदर सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि अगर वो दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें जेल भेजा जाएगा।
The Supreme Court bench led by CJI Ranjan Gogoi said it will hear the contempt petition against former Ranbaxy owners Malvinder and Shivinder Singh on April 11, and if they are found guilty then Court will send them to jail. pic.twitter.com/IyHALHVMSx
— ANI (@ANI) April 5, 2019विज्ञापन
बता दें कि मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों मालविंदर और शिविंदर सिंह को सिंगापुर ट्रिब्यूनल के 3,500 करोड़ रुपये के जुर्माने के अनुपालन के बारे में अपने सलाहकारों से परामर्श करने को कहा था। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की एक पीठ ने अदालत में मौजूद सिंह बंधुओं से कहा कि वे अपने वित्तीय और कानूनी सलाहकारों से परामर्श करें कि वे ट्रिब्यूनल के आदेश का अनुपालन कैसे करेंगे और इस पर एक ठोस योजना दें।
पीठ ने कहा, ‘यह किसी के व्यक्तिगत सम्मान का सवाल नहीं है लेकिन यह देश के सम्मान के लिए सही नहीं है। आप फार्मेसी उद्योग के जाने-माने नाम हैं और यह अच्छा नहीं लगता की आप अदालत में पेश हों।’ न्यायामूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायामूर्ति संजीव खन्ना भी इस पीठ में शामिल थे। पीठ ने सिंह बंधुओं से अपने सलाहकारों से परामर्श करने के बाद 28 मई को अदालत में पेश होने का आदेश देते हुए कहा, ‘संभवत: अदालत में यह आपकी आखिरी पेशी होगी।’
अदालत जापानी कम्पनी दाइची सैंको की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो मालविंदर और शिविंदर सिंह के खिलाफ अपने एक मामले में सिंगापुर के एक न्यायाधिकरण द्वारा लगाए 3,500 करोड़ रुपये के जुर्माने की मांग कर रही है।