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पुनर्विचार याचिका में कानूनी सवाल बड़ी पीठ को भेजने पर आज दलीलें सुनेगा सुप्रीम कोर्ट

Thu, 06 Feb 2020 03:58 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 06 Feb 2020 03:58 AM IST
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Supreme Court will hear arguments on sending legal question to a larger bench in a review petition
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media

पुनर्विचार याचिका दाखिल होने पर क्या कोर्ट कानूनी प्रश्नों पर सुनवाई जजों की वृहद पीठ को भेज सकती है?  इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की सांविधानिक पीठ आज दलीलें सुनेगी। यह पीठ विभिन्न धर्म व धर्मस्थलों में महिलाओं से भेदभाव के मामलों की सुनवाई कर रही है।

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पिछले वर्ष पांच जजों सांविधानिक पीठ ने धर्म स्थलों पर महिलाओं व लड़कियों के प्रवेश को रोकने जैसी धार्मिक रूढ़ियों की सांविधानिक वैधता के मामले को सुप्रीम कोर्ट की वृहद पीठ को भेजा था। साथ ही कहा था कि धर्म स्थलों पर महिलाओं को प्रवेश से रोक का मामला केवल सबरीमाला मामले तक सीमित नहीं है।

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प्रमुख मामले जिन पर मौजूदा पीठ सुनवाई कर रही

  • केरल के सबरीमाला मंदिर और मस्जिदों में महिला आस्तिकों के प्रवेश
  • दाऊदी बोहरा समाज में महिला का खतना
  • पारसी महिला द्वारा गैर-पारसी समुदाय में विवाह करने पर उनके पवित्र अंग्नि मंदिर में प्रवेश पर पाबंदी 

 सबरीमाला के आभूषणों के संरक्षण पर केरल सरकार से मांगा सुझाव

पंडालम शाही परिवार में जारी अंदरूनी कलह और याचिकाओं पर गौर फरमाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर को चढ़ावे में मिलने वाले आभूषणों की सुरक्षा और इसके संरक्षण को लेकर केरल सरकार से सुझाव देने को कहा है। पंडालम शाही परिवार ही सबरीमाला मंदिर के आभूषणों का संरक्षक है।

मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबरीमाला मंदिर के आभूषण किसी परिवार का नहीं, बल्कि भगवान अयप्पा के हैं। लिहाजा इन आभूषणों की सुरक्षा और इसके संरक्षण के लिए एक जिम्मेदार व्यक्ति की नियुक्ति होनी चाहिए।

जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने केरल सरकार की ओर से अदालत में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता से इस संबंध में राज्य सरकार का सुझाव लेने का निर्देश दिया। अब इस मामले की सुनवाई 7 फरवरी को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने जेल में रिक्तियों पर सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने जेलों में रिक्त पदों को भरने और कैदियों की भीड़ से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत ने सरकार से पूछा है कि वह इसके लिए क्या कदम उठाने जा रही है।चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने केंद्र की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी को जस्टिस अमिताभ कमेटी की रिपोर्ट पर दो हफ्ते में सरकार का पक्ष बताने के लिए कहा है।

पीठ ने पाया कि कमेटी ने दो प्रारंभिक रिपोर्ट दी थी, जिन्हें गृह मंत्रालय को भेजा जा चुका है। चीफ जस्टिस ने नादकर्णी से कहा कि रिक्तियां भरी जानी चाहिए। राज्यों को गंभीरता से इसे करना चाहिए। साथ ही पीठ ने कहा कि जेलों में कैदियों की भीड़ से अदालत के कामकाज पर भी असर पड़ता है। इस मसले पर भी कुछ करने की जरूरत है।

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